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मारवाड़ी

गरासिया, हिंदी और मारवाड़ीः क्या कहते हैं बच्चे?

सातवीं और आठवीं कक्षा के बच्चों ने बताया कि अगर उनकी मातृभाषा में किताबें होतीं तो उनके लिए पढ़ना-समझना आसान होता। हिंदी की मुश्किलों को भी वे बड़ी बेबाकी से सामने रखते हैं। तो आइए 'बच्चों की दुनिया' में आज रूबरू होते हैं बच्चों की लिखावट से। [...]

October 11, 2015