शिक्षा का अधिकार

शिक्षा में बदलाव की चाहः एक चिंगारी कहीं से ढूंढ लाओ दोस्तों, इस दिये में तेल से भीगी हुई बाती तो है!

शिक्षा के क्षेत्र में यथास्थिति को समझना चाहते हैं या बदलाव लाना चाहते हैं तो पढ़िए यह पोस्ट। [...]

शिक्षक कहते हैं, “आठवीं के बच्चों को भी पढ़ना सिखा रहे हैं”

सरकारी स्कूल में पढ़ाने वाले शिक्षक कहते हैं कि हमारे स्कूल में स्टाफ कम है। पड़ोस के स्कूल में ज्यादा स्टाफ हैं, लेकिन बच्चे कम हैं। एक गाँव में तीन स्कूलों की क्या जरूरत है, मगर गाँव के हर क्षेत्र को अपना स्कूल चाहिए। इसके कारण भी स्कूलों में पढ़ाई का स्तर गिर रहा है। हम आठवीं तक बच्चों को पढ़ना ही सिखा रहे हैं। [...]

स्कूल और बच्चेः कैसा रहा साल 2014?

साल 2014 से समूची दुनिया का सबक यही होगा कि बच्चों के ख़िलाफ़ होने वाली बर्बर हिंसा को रोकें और स्कूल को निशाना बनाने के मंसूबों को नाकाम को पराजित करें। ताकि दुनिया के बच्चे खौफ के साए से बाहर आ सकें। [...]

बच्चों की भाषा और अध्यापक किताब – कृष्ण कुमार

स्कूल में बच्चों को भाषा कैसे सिखाएं? एक बच्चा भाषा कैसे सीखता है? बच्चे अपनी पहली भाषा को कैसे सीखते हैं? इस प्रक्रिया में शिक्षक उनकी मदद कैसे कर सकते हैं? इन तमाम सवालों के जवाब दिल्ली विश्वविद्यालय में शिक्षाशास्त्र के प्रोफ़ेसर कृष्ण कुमार जी की पुस्तक बच्चों की भाषा और अध्यापक में मिलते हैं. [...]