आरव की डायरीः आखिर मेरा रॉकेट उड़ ही गया

इस डायरी में चौथी कक्षा में पढ़ने वाले आरव ने रॉकेट बनाने की अपनी कोशिशों व सफलता को एक प्रक्रिया के रूप में दर्ज़ किया है।