आरव की डायरीः शिमला का सफ़र

अप्रैल 2018 में लिखे अपने डायरी के पन्नों को जून 2020 में आरव ने दोबारा पढ़ा और उसे टाइप करके एजुकेशन मिरर के लिए भेजा है। यह लेख इस मायने में भी ख़ास है कि आज 25 जुलाई 2020 को आरव 10 वर्ष पूरा कर रहे हैं। अब वे पाँचवीं कक्षा के छात्र हैं और यह उनकी आठवीं डायरी है। पढ़िए आरव की लिखी यह डायरी और एजुकेशन मिरर के सबसे नन्हे लेखक को जन्मदिन की शुभकामनाएं भी दीजिए। आरव की रचनात्मकता का सिलसिला सतत सघन होता चले और उनको खूब यश और उपलब्धि इस क्षेत्र में मिले एजुकेशन मिरर की टीम की तरफ से ऐसी शुभकामनाएं प्रेषित हैं। मैं वृहस्पतिवार को शिमला जाने वाला था, जब वह दिन आ गया तो मैंने स्कुल से कुछ दिनों की छुट्टी ले ली। मुझे पता था की हम लोग शाम को जाने वाले हैं। दोपहर हुई, तब बारह बजे थे और हम घर से अनामिका दीदी के घर जा रहे थे। हम अनामिका दीदी के घर गए और वहाँ पर थोड़ी देर रुके और जल्दी से तैयार होकर ज्वालाहेडी मार्केट के ओर निकल गए। ज्वालाहेडी मार्केट अनामिका दीदी के घर के पास ही था। हमने ज्वालाहेडी मार्केट से बहुत कुछ सामान ख़रीदा। … Continue reading आरव की डायरीः शिमला का सफ़र