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लिट्रेसी कार्यक्रम में कैसे मदद करें प्रधानाध्यापक?



भारत में रूम टू रीड लिट्रेसी कार्यक्रम के क्षेत्र में प्रभावशाली काम कर रहा है। तस्वीरः साभार रूम टू रीड।

प्राथमिक स्तर की कक्षाओं में बच्चों को पढ़ना-लिखना सिखाने और उनमें पढ़ने की आदत का विकास करने की दृष्टि से लिट्रेसी कार्यक्रम एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

किसी बच्चे में भाषायी कौशलों का विकास उसके अन्य विषयों में रुचि लेने और उससे सबंधित दक्षताओं का विकास करने में काफी महत्वपूर्ण साबित होता है।

जो बच्चे शुरूआती कक्षाओं में पढ़ना-लिखना सीख जाते हैं उनके आगे भी पढ़ाई जारी रखने की संभावना काफी बढ़ जाती है।

प्रधानाध्यापक की भूमिका

एक सरकारी स्कूल में एनसीईआरटी की रीडिंग सेल द्वारा छापी गयी किताबें पढ़ते बच्चे।

प्रधानाध्यापक किसी विद्यालय में शैक्षिक, सह-शैक्षिक और प्रशासनिक जिम्मेदारियों के निर्वाह में अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे में उनके लिए लिट्रेसी कार्यक्रम को समझना और पूरे विद्यालय में पढ़ने-लिखने का माहौल बनाने में सहयोग देना जरूरी हो जाता है।

ताकि वे अपने विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों के अधिगम स्तर को बढ़ा सकें और असर जैसे सर्वेक्षणों का जवाब अपने काम से दे सकें कि हमारे स्कूल की कहानी उस कहानी से अलग है जो हर साल अख़बार की ख़बरों में सुर्खियां बटोरती है।

एक शिक्षक प्रशिक्षक कहते हैं कि सालों-साल बच्चों के पढ़ना-लिखना सीखने के मामले में बच्चों के पीछे रहने की कहानियों के सामान्यीकरण ने सरकारी स्कूल में पढ़ाने वाले शिक्षकों के मनोबल को तोड़ा है, अब समय आ गया है कि हम शिक्षकों को उनकी ताक़त का अहसास दिलाया जाए और उनके अच्छे प्रयासों को ‘पहचान और प्रोत्साहन’ दिया जाए।

कैसे सहयोग कर सकते हैं प्रधानाध्यापक?

  1. रोज़ाना हर कालांश में जरूर जाएं, भले ही कुछ मिनट्स के लिए ही सही
  2. बच्चों, स्टाफ़ और अभिभावकों के लिए सुझाव बॉक्स बनाएं जहां वे अपनी बात कह सकें
  3. पूरे स्कूल में पढ़ने-लिखने का माहौल बनाएं और इसके लिए विद्यालय की असेंबली का इस्तेमाल करें
  4. स्कूल के पुस्तकालय का प्रभावी संचालन सुनिश्चित करें
  5. पहली-दूसरी क्लास में पढ़ाने वाले शिक्षकों को पर्याप्त समय दें ताकि भाषा कालांश में उनका ‘टाइम ऑन टास्क’ पर्याप्त हो
  6. बच्चों के सामने ऊंची अपेक्षा सेट करें और हासिल करने के लिए उनको प्रोत्साहित करें
  7. शिक्षकों को कमज़ोर बच्चों को मदद करने के लिए प्रेरित करें और उनके प्रगति के बारे में जानकारी हासिल करते रहें
  8. शिक्षकों की क्षमता पर पूरा भरोसा करें और उनके पेशेवर विकास के अवसरों को बढ़ाएं
  9. शिक्षकों को हर क्लास के लिए प्लान करने का समय दें
  10. अपने स्कूल में रिसर्च से निकली बेस्ट प्रेक्टिस को लागू करें और शिक्षक साथियों को भी पढ़ने के लिए प्रोत्साहित करें। उनके लिए क्लास में काम करने के लिए संसाधनों की कमी न आने दें।
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