बच्चों की मौलिकता और चिंतन को नुकसान तो नहीं पहुंचा रहा है एआई(AI)?
शिक्षिका अल्पा निगम कहती हैं कि एआई के दौर में बच्चों को सवालों के जवाब तुरंत मिल रहे हैं। लेकिन क्या लगातार मिल रहे रेमीमेड जवाब बच्चों की जिज्ञासा, मौलिकता और स्वतंत्र चिंतन को सीमित कर रहे हैं?






































