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क्या आप जानते हैं ‘Movie’ शब्द का प्रचलन कैसे शुरू हुआ?

अगर आप से ये पूछा जाए कि आपकी पसंदीदा वीटास्कोप क्या है तो आप शायद इसका जबाव न दे पाएँ. लेकिन अगर इसके बजाए ये पूछा जाए कि आपकी पसंदीदा मूवी कौन सी है तो आप तुरंत ही किसी फ़िल्म का नाम लेंगे.

फ़िल्मों को लेकर कहीं न कहीं हम मूवी शब्द का प्रयोग करते हैं लेकिन क्या आपको मालूम है कि फ़िल्मों को मूवी का नाम कैसे दिया गया.

आज हम जिस शब्द की चर्चा कर रहें हैं वह शब्द है:

MOVIE (मूवी)

हिंदी में हमने इसका सीधा सीधा अनुवाद चलचित्र के तौर पर कर लिया है लेकिन पहली बार इसका प्रयोग अमरीका के लोगों ने किया था.

नामकरण या नाम रखने को हमारे समाज में काफ़ी महत्वपूर्ण माना जाता है और जब ये किसी आविष्कार को लेकर हो तो उसकी अहमियत और भी बढ़ जाती है और बहुत सोच बिचार के बाद ही नाम रखा जाता है.

लेकिन कभी कभी ऐसा भी होता है कि मज़ाक़-मज़ाक में कोई नाम चल निकलता है और वही उसकी पहचान बन जाता है.

1912 में न्यूयॉर्क के एक प्रकाशन में “Movies’ and the Law” के शीर्षक को इस बात का श्रेय जाता है कि वहीं मूवी शब्द पहली बार प्रयोग में आया और फिर लोगों ने फ़िल्मों को आम तौर पर मूवी कहना शुरू कर दिया.

फ़िल्म निर्माण की कला से जुड़े लोगों, ख़ास कर फ़िल्म निर्माताओं ने अपनी इस उत्कृष्ट कला को ऐसे बाज़ारी और चालू नाम दिए जाने पर खेद प्रकट किया.

उन्होंने मूवी शब्द को अपनाने से इंकार कर दिया क्योंकि 19वीं शताब्दी में नाम रखने का अपना ही भव्य अंदाज़ था.

19वीं सदी में काफ़ी आविष्कार हुए और उनके महत्व को दिखाने और उन्हें क्लासिकी रंग देने के लिए उनके नाम रखने में यूनानी शब्दों के प्रयोग को बहुत अहमियत दी जाती थी.

नामकरण

इसीलिए थॉमस एडीसन ने जब कैमरे (Camera) का आविष्कार किया तो अपने कैमरे का नाम काइनेटोग्राफ़ (kinetograph) रखा, जोकि यूनानी मूल के शब्द ‘Kinetic’ (गति) और ‘graph’ (लिखने) को मिला कर बनाया गया था.

इसी प्रकार जब उन्होंने प्रॉजेक्टर बनाया तो उसका नाम काइनेटोस्कोप (kinetoscope) रखा जो कि यूनानी मूल के शब्द ‘kinetic’ (गति) और ‘scope’ (दृश्य) को मिला कर बनाया गया था.

एक दशक बाद एक और यंत्र बना जिसे बॉयोग्राफ़ (biograph) कहा गया जो ‘जीवन’ (bio) और ‘लिखने’ (graph) को लेकर बना था.

उन्नीसवीं शताब्दी में नामकरण की यही प्रथा प्रचलित रही और हमें टेलीग्राफ़ (telegraph -1805), फ़ोटोग्राफ़ (photograph -1839), टेलीफ़ोन (telephone -1876), फ़ोनोग्राफ़ (phonograph -1877), काईनेटिक्स (kinetics -1864), काईनेसिओलोजी (kinesiology -1894), लीथोग्राफ़ (lithograph -1825), सीज़मोग्राफ़ (seismograph -1858), कैलेडिस्कोप (kaleidoscope -1817), पेरिस्कोप (periscope -1879) आदि शब्द मिले जो यूनानी मूल के शब्दों से बने हैं.

हालांकि मोशन पिक्चर का आविष्कार 1889 में हो चुका था लेकिन थॉमस एडीसन ने इसे अपने आविष्कार को वीटास्कोप (Vitascope) नाम दिया था जिसका मूल यूनानी भाषा में था.

लेकिन सारी कोशिशों के बाद भी फिल्मों को दिखाने और बनाने वाले इसे इसके नए नाम मूवी को नहीं हटा सके.

कुछ दिनों बाद उन्होंने अपनी फ़िल्मों में आवाज़ भी शामिल कर दी. इसके बाद फ़िल्मों को कुछ दिनों तक टाकीज़ (Talkies) कहा जाने लगा.

1920 के दशक में टॉकीज़ शब्द का इस्तेमाल कम हो गया और फिर जब हर फ़िल्म में आवाज़ का इस्तेमाल होने लगा तो फिर से फ़िल्मों के लिए आम तौर पर ‘मूवी’ शब्द का ही प्रयोग होने लगा.

1920 के ही दशक में फ़िल्म जगत से जुड़े लोगों ने ‘अकादमी ऑफ़ मोशन पिक्चर आर्ट एंड साइंस’ (Academy of Motion Picture Arts and Sciences) की स्थापना की और हर वर्ष उसी की ओर से ऑस्कर पुरस्कार दिया जाने लगा.

सिनेमा एक ऐसी कला है जिसका संबंध आम लोगों से ज़्यादा है और ये वो माध्यम है जो उत्कृष्ट लोगों से ज़्यादा आम जनता के लिए है.

इसी लिए आज भी उस पर जनता का दिया हुआ नाम ‘मूवी’ यूनानी मूल के नाम ‘वीटास्कोप’ या ‘बाईस्कोप’ से ज़्यादा फबता है.

(इस सीरीज़ के लेखक मिर्ज़ा ए बी बेग हैं। आप पत्रकार और लेखक होने के साथ-साथ अनुवादक भी हैं। हिन्दी, अंग्रेजी और उर्दू तीनों भाषाओं में समान अधिकार के साथ लिखते हैं। इस सीरीज़ के लिए बीबीसी हिन्दी का आभार।)

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