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लाइब्रेरी में किताबों का विधाओं के अनुसार डिसप्ले करने के फायदे क्या हैं?

new doc 2019-03-08 (5)_14219196430956030731..jpgस्कूल लाइब्रेरी में किताबों के ़डिसप्ले का सबसे अच्छा तरीका क्या है? लाइब्रेरी में किताबों को व्यवस्थित करने के तरीके के संदर्भ में यह सवाल बेहद महत्वपूर्ण है। अगर किताबों का विधाओं के अनुसार डिसप्ले किया जायेगा तो बच्चों व किशोरों के लिए लाइब्रेरी में किताबों को खोजना और पसंद की किताब का चुनाव करना काफी आसान हो जायेगा। इसके लिए किताबों के डिसप्ले वाली जगह पर एक चिट लगाई जा सकती है कि किताबों की कौन सी श्रेणी यहाँ मौजूद हैं।

साहित्य की प्रमुख विधाएं

साहित्य में विधाओं के वर्गीकरण का इस प्रकार है

कविता – बाल कविताएं, लोकगीत, तुकांत व अतुकांत कविताएं, गद्य काव्य, खण्ड काव्य व प्रबंध काव्य इत्यादि।

कथा – कहानी, उपन्यास व लघुकथा, लोककथा इत्यादि।

नाटक – साहित्य की यह एक स्वतंत्र विधा है। नाटकों को पढ़ने व उसके ऊपर आधारित रोल प्ले करने में बच्चों व किशोरों को काफी आनंद आता है।

कथेतर – निबंध, यात्रा वृत्तांत, संस्मरण, जीवनी, आत्मकथा, डायरी, रिपोर्ताज़, रेखाचित्र, विज्ञान आधारित लेखों के संग्रह व पत्र इत्यादि।

पत्रिकाएं –  लाइब्रेरी में पत्रिकाओं को भी प्रमुख स्थान दिया जाता है। आज के दौर की प्रमुख पत्रिकाओं जैसे नंदन, चंपक, चकमक, साइकिल, प्लूटो इत्यादि को भी लाइब्रेरी में डिसप्ले के दौरान अलग से स्थान दिया जा सकता है।

विदेशी भाषाओं के अनुदित कहानियां – विदेशी भाषाओं की अनुदित कहानियों को भी कई श्रेणियों में बांटा जा सकता है। इसमें भी किताबों की कई उप-श्रेणियां बनाई जा सकती हैं, जैसे जानवरों की कहानियां। विदेशी भाषाओं की अनुदित लोककथाएं।

विधाओं के अनुसार डिसप्ले के फायदे क्या हैं?

पुस्तकालय में किताबों का विधाओं के अनुसार डिसप्ले करने के बहुत से फायदे हैं। इसका पहला फायदा तो यह है कि हमें पता होता कि हमारी लाइब्रेरी में कौन-कौन से विधाओं की किताबें संख्या में कम हैं या पर्याप्त हैं। बच्चों को अलग-अलग विधाओं की किताबों से परिचित होने का अवसर मिलता है। कहानियों के साथ-साथ कविताओं व नाटकों के इस्तेमाल को भी प्रोत्साहन मिलेगा। इस तरह के डिसप्ले से लाइब्रेरी काफी व्यवस्थित प्रतीत होती है। बच्चों को अलग-अलग विधाओं की किताबों को पढ़ने और उसके प्रति अपने रुझान को विकसित करने का अवसर मिलता है।

 

 

 

 

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