स्कूल डायरी: ‘शिक्षक पूछ रहे थे कि आपने क्या जादू कर दिया है?”
आज स्कूल में संतोष मैम की क्लास में मौजूद होना हैरान करने वाला अनुभव था। मैम ने एक दिन का पूरा…
विषय
शिक्षा में पाठ्यचर्या का मूर्त रूप पाठ्यक्रम में दिखाई देता है। कोई भी पाठ्यपुस्तक पाठ्यक्रम के आधार पर लिखी जाती है। राज्य सरकारों में बदलाव के साथ पाठ्यपुस्तकों में भी बदलाव की प्रवृत्ति भारत में दिखाई देती है।
10 लेख
आज स्कूल में संतोष मैम की क्लास में मौजूद होना हैरान करने वाला अनुभव था। मैम ने एक दिन का पूरा…
इसका उद्घाटन राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के निदेशक डॉ. सर्वेन्द्र विक्रम बहादुर सिंह ने किया।
इस आंदोलन को छात्राओं ने नेतृत्व दिया। यह इसकी सबसे ख़ास बात रही।
निजी स्कूलों की मनमानी को रोकने की दिशा में दिल्ली सरकार का बड़ा फ़ैसला।
इस पोस्ट में पढ़िए इस सवाल का जवाब।
पहले जवाहरलाल नेहरु के जीवन पर केंद्रित किताब चलती थी, मगर अब नाम खोजा जा रहा है।
नई पाठ्यपुस्तकों में 'विशेष सुधार' की पड़ताल करती पोस्ट।
राजस्थान सरकार ने पहली से आठवीं तक की किताबों को बदलने की तैयारी पूरी कर ली है।
अगर बच्चे छोटी उम्र से सवालों का जवाब खोजने के लिए किताब की बजाय पासबुक का सहारा लेने लग जाते हैं तो यह उनके पठन कौशल के विकास को प्रभावित करता है। इसके कारण बच्चे किसी पैराग्राफ़ को ज्यों का त्यों उतार तो देते हैं। मगर उसे पढ़कर समझना और उससे संबंधित सवालों का जवाब देना उनके लिए बेहद मुश्किल होता है।
आजकल स्कूलों में परीक्षाएं चल रही है। बच्चे पढ़े हुए पाठ के दोहरान में लगे हैं। इसमें उनकी…