जश्न-ए-बचपनः पहेलियों की दुनिया को विस्तार देते बच्चे , क्या आप जानते हैं इनके जवाब?
नानकमत्ता स्कूल के बच्चों ने जश्न-ए-बचपन ह्वाट्सऐप समूह में शामिल होते हुए पहेलियां बनायीं। दीजिए इनके जवाब।
विषय
10 लेख
नानकमत्ता स्कूल के बच्चों ने जश्न-ए-बचपन ह्वाट्सऐप समूह में शामिल होते हुए पहेलियां बनायीं। दीजिए इनके जवाब।
रामेश्वर वाळकीकर वर्तमान में राजस्थान के झुंझनू जिले में पिरामल फेलो के रूप में काम कर रहे हैं। उन्होंने पुणे विश्वविद्यालय से इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया है।
बच्चों को कोरा कागज मानने की मान्यता को चुनौती देता है आलोक मिश्र का यह लेख।
कविताओं में जानिए पदार्थ की अवस्थाओं के बारे में जैतून जिया की इस कविता में।
औद्योगिक क्रांति से वैश्विक स्तर पर सार्वजनिक शिक्षा की बुनियाद पड़ी।
जौनपुर में आयोजित 'टीचर चेंजमेकर समिट' में 700 से ज्यादा शिक्षकों ने हिस्सा लिया।
शिक्षकों के प्रोत्साहन की संस्कृति विकसित करने की पहल अधिकारियों की तरफ से होनी चाहिए।
शिक्षकों का कहना है कि बच्चों की बुनियाद पर ध्यान देने की जरूरत है।
एक संगठन ने ऐसी मांग की है।
इस स्कूल से ट्रांसजेंडर 10वीं और 12वीं की परीक्षा के लिए पढ़ाई कर सकेंगे।