साल 2018 के आम बजट में शिक्षा क्षेत्र के लिए ‘डिजिटल बोर्ड’, एकलव्य स्कूल के अलावा और क्या है?
साल 2018 के बजट में शिक्षा की घोषणाओं में आदिवासी क्षेत्रों के लिए एकलव्य स्कूल खोलना शामिल हैं।
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भारत में शिक्षा का अधिकार कानून साल 2009 में पेश हुआ। 1 अप्रैल 2010 को पूरे भारत में लागू हुआ। इसके तहत 6 से 14 साल तक के बच्चे को अनिवार्य और मुफ्त शिक्षा देने का प्रावधान है। इसके तहत निजी स्कूलों में ग़रीब और पिछड़े तबके के बच्चों के लिए 25 फीसदी आरक्षण का भी प्रावधान किया गया। शिक्षा का अधिकार कानून ने प्राथमिक शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव की नई कहानी लिखी है।
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साल 2018 के बजट में शिक्षा की घोषणाओं में आदिवासी क्षेत्रों के लिए एकलव्य स्कूल खोलना शामिल हैं।
भारत में सरकारी स्कूल तमाम अभियानों के बोझ तले दबे हुए हैं।
गांव के स्कूलों में संसाधनों और शिक्षकों का अभाव है।
शिक्षा और जीवन की गुणवत्ता के बीच सीधा रिश्ता है. शिक्षा के क्षेत्र में तमाम बड़े सवाल अपने उत्तरों की खोज में बेचैन है.
बिहार के "छपरा" ज़िले के एक सरकारी स्कूल में विषाक्त भोजन खाने के बाद तबियत बिगड़ने लगी तो उनको…
भारत में शिक्षा का अधिकार क़ानून 1 अप्रैल 2010 को लागू हुआ था। इसे लागू हुए पाँच साल हो गए हैं। पांच सालों में क्या बदला है, आइए इसकी पड़ताल करते हैं।
शिक्षा का अधिकार कानून आ गया तो क्या हुआ? बच्चों को सही रास्ते पर लाने के लिए जो भी जरूरी होगा करेंगे।