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शनिवार, 17 अक्टूबर 2026

गणित शिक्षण: बच्चों को आसानी से पैटर्न समझना कैसे सिखाएं?

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कक्षा में शिक्षक दो बार ताली बजाते हैं, फिर एक चुटकी। फिर दो ताली, एक चुटकी। तीसरी बार बच्चे खुद ताली-ताली-चुटकी वाले खेल में शामिल हो जाते हैं। किसी ने उन्हें नियम नहीं बताया। उन्होंने नियम खुद पकड़ लिया, यही नियम ही पैटर्न है।

हर बच्चे में यह नियम खोजने की क्षमता होती है। प्राथमिक विद्यालयों में बहुत-से बच्चे पैटर्न के सवालों पर अटक जाते हैं। आइए समझते हैं कि पैटर्न वास्तव में क्या है, बच्चे इसे कैसे सीखते हैं, और कक्षा में शिक्षक इस अवधारणा को रोचक और मजेदार ढंग से कैसे सिखाएं?

पैटर्न क्या है?

जो बात एक नियम से बार-बार होती है, वह पैटर्न है। अगर हमें यह नियम समझ आ जाए, तो हम बता सकते हैं कि आगे क्या आएगा। इसे समझने के लिए तीन शब्द काफ़ी हैं।

  • इकाई — जो हिस्सा बार-बार आता है। लाल-नीला-लाल-नीला मोतियों की माला में इकाई है “लाल-नीला”।
  • अंतराल — हर बार होने वाला समान बदलाव। 2, 4, 6, 8 में हर बार +2 जुड़ता है।
  • नियम — जो पूरे पैटर्न को चलाता है। 50, 40, 30, 20 का नियम है — “हर बार 10 कम हो रहा है”।

चित्र 1: इकाई, अंतराल और नियम

लेकिन ध्यान रहे कि हर क्रम पैटर्न नहीं होता। 1, 2, 3, 3, 4 में 3 दो बार क्यों आया? यहाँ कोई नियम नहीं दिखता। बच्चों से पूछिए — “क्या यह पैटर्न है? क्यों?” यह छोटा-सा सवाल उन्हें सोचने का अच्छा मौका देता है।

हमारे चारों ओर है पैटर्न

पैटर्न के सवाल किताब में बाद में आते है, जीवन में उससे बहुत पहले। तितली के दोनों पंख एक जैसे होते हैं। सप्ताह के दिन एक क्रम में लौटते हैं। प्रार्थना सभा में बच्चे लंबाई के क्रम में खड़े होते हैं। साड़ी की किनारी, रंगोली और ईंटों की चिनाई में भी पैटर्न है। पेड़ के पत्तियों की बनावट, फूलों की बनावट सबमें एक खास पैटर्न है।

इंसानों के व्यवहार में भी पैटर्न होता है, जिसका पता उसे करीब से जानने वाले दोस्तों को होता है। वे जानते हैं कि उनका दोस्त किस स्थिति में खुश या फिर दुखी होता है। या कौन सी बात उसे गुस्सा दिलाती है। यानि पैटर्न को समझना आपकी जिंदगी को ज्यादा बेहतर और सुंदर बना सकता है। आप परिस्थितियों को समझना और उसके अनुसार रिस्पांस देने का चुनाव कर सकते हैं।

विद्यालय में घंटी बजती है और सभी बच्चे असेंबली की कतार में आ जाते हैं। शिक्षक जानते हैं कि कौन-सा बच्चा सवाल सुनकर चुप हो जाता है और कौन तुरंत हाथ उठाता है।

पहाड़ा तो जैसे पैटर्न का ख़ज़ाना है, ज्यादातर पैटर्न वाले सवाल यहीं से बन जाते हैं। जो बच्चे पहाड़ा जानते हैं वे पैटर्न वाले सवालों को चुटकियों में हल कर देते हैं।

1 से 100 के गिनती चार्ट में 5 की गिनती वाले खाने रंगिए। रंगे खाने में दो सीधी कतारें बनाते हैं। इकाई का अंक 5, 0, 5, 0 बारी-बारी से आता है। 10 के पहाड़े में इकाई का अंक हमेशा 0 रहता है। जो बच्चा यह नियम खोज लेता है, उसे पहाड़ा रटना भी नहीं पड़ता।

चित्र 2: 1 से 100 के चार्ट में 5 और 10 का पैटर्न

पैटर्न के चार प्रकार

कक्षा 1 और 2 में चार तरह के पैटर्न पर काम होना चाहिए।

  • दोहराने वाला: एक इकाई बार-बार आती है — गोला-गोला-त्रिकोण, गोला-गोला-त्रिकोण।
  • बढ़ता हुआ पैटर्न: हर बार समान मात्रा जुड़ती है — घनों की मीनारें 1, 2, 3, 4, 5।
  • घटता हुआ पैटर्न: हर बार समान मात्रा घटती है — 50, 40, 30, 20, 10।
  • आकृतियों का पैटर्न: चीज़ें एक तय ढाँचे में सजी होती हैं — जैसे ईंटों की चिनाई।

चित्र 3: पैटर्न के चार प्रकार

कक्षा 1 में दोहराने वाले पैटर्न पर ज़्यादा काम होता है। कक्षा 2 में बढ़ते और घटते संख्या पैटर्न मुख्य हो जाते हैं। इन्हें संख्या रेखा पर छलाँग के रूप में दिखाइए और फर्श पर संख्या रेखा बनाकर बच्चों को वास्तव में कूदने का मौका दीजिए। शून्य से दो-दो की छलाँग लगाता मेंढक 2, 4, 6, 8 पर रुकता है। यही छलाँगें आगे चलकर 2 का पहाड़ा बनती हैं।

वैश्विक स्तर के पाठ्यक्रम क्या कहते हैं?

दुनिया के बड़े पाठ्यक्रम ‘पैटर्न की अवधारणा’ को बीजगणित की नींव मानते हैं। ऑस्ट्रेलिया में कक्षा 1 का बच्चा दोहराने वाली इकाई पहचानता है और बीच का छूटा हिस्सा भरता है। इंग्लैंड में शुरुआती कक्षाओं के बच्चे आसपास के पैटर्न पर बात करते हैं और संख्याओं में सम-विषम खोजते हैं। भारत में बुनियादी स्तर की राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा 2022 भी कहती है कि बच्चा परिवेश, आकृतियों और संख्याओं में सरल पैटर्न पहचाने और उन्हें आगे बढ़ाए।

सीखने की सात सीढ़ियाँ

बच्चे पैटर्न सीढ़ी-दर-सीढ़ी सीखते हैं। हर सीढ़ी के लिए एक सवाल है, जिससे पता चलता है कि बच्चा कहाँ है।

चित्र 4: पैटर्न सीखने की सात सीढ़ियाँ

कक्षा 1 के अंत तक ज़्यादातर बच्चे पहली पाँच सीढ़ियाँ चढ़ लें। कक्षा 2 के अंत तक वे इकाई पहचानें और नियम अपने शब्दों में बताएँ।

बच्चे कहाँ अटकते हैं?

ज़्यादातर कक्षाओं में पैटर्न का मतलब है — बोर्ड पर 2, 4, 6, __ लिखो और खाली जगह भरवाओ। यह बस तीसरी सीढ़ी है। जब बीच का खाना या नियम पूछा जाता है, तो बच्चे अटक जाते हैं। वस्तुओं वाला चरण छूट जाना, पहाड़ा रटना और घटते पैटर्न पर कम अभ्यास भी इसके कारण हो सकते हैं।

बच्चों की ग़लतियाँ ध्यान से देखिए, जो बच्चा 2, 4, 6 के बाद 7 लिखता है, वह अगली गिनती सोच रहा है। जो 50, 40, 30 के बाद 60 लिखता है, वह मानता है कि संख्याएँ हमेशा बढ़ती हैं। जो 10, 20, __, 40 में 21 लिखता है, वह सिर्फ़ बाईं ओर देख रहा है। हर ग़लती के पीछे बच्चे का अपना एक नियम है।

चित्र 5: तीन सामान्य ग़लतियाँ और उनके पीछे की सोच

इसलिए बच्चों को तुरंत सही उत्तर मत बताइए। उनसे जिज्ञासा वाले भाव के साथ पूछिए — “ अमिता तुमने ऐसा कैसे सोचा?” बच्चे का तर्क ही बताएगा कि उसे किस तरह से सहयोग की जरूरत है। जब आप बच्चे का नाम लेकर जिज्ञासा वाले भाव के साथ प्रश्न पूछते हैं तो आप बच्चों को समझने की एक खिड़की खोल देते हैं।

 

कक्षा में कैसे पढ़ाएँ पैटर्न?

पैटर्न की पढ़ाई शरीर वाली गतिविधियों (एक्शन) से करें। फिर वस्तुएँ, फिर चित्र, और अंत में अक्षर या अंक। ताली-ताली-चुटकी, कंकड़-कंकड़-पत्ती, गोला-गोला-त्रिकोण और क-क-ख — चारों एक ही पैटर्न हैं। जब बच्चा यह पहचान लेता है, तो वह चीज़ों के पीछे छिपी बनावट देखने लगता है। बीजगणित की सोच यहीं से शुरू होती है।

चित्र 6: एक पैटर्न, चार रूप

कुछ आसान गतिविधियाँ, जिनके लिए कोई ख़ास सामग्री नहीं चाहिए:

  • मेंढक की छलाँग: ज़मीन पर 0 से 20 की संख्या रेखा बनाइए। एक बच्चा दो-दो की छलाँग लगाए, बाक़ी संख्याएँ बोलें।
  • रॉकेट की उलटी गिनती: 50, 40, 30… हर संख्या पर एक कदम पीछे।
  • इकाई का घेरा: बने हुए पैटर्न में दोहराते हिस्से पर चॉक से घेरा बनवाइए।
  • ग़लती ढूँढ़ो: पैटर्न में जानबूझकर एक ग़लती रखिए। बच्चे उसे पकड़ें और कारण बताएँ।
  • मेरी पहेली: बच्चा अपना पैटर्न बनाए, साथी उसका नियम बताए।
  • पैटर्न जासूस: बच्चे घर से एक पैटर्न खोजकर लाएँ — थाली, रंगोली या खेत की क्यारी।

चित्र 7: पैटर्न की कक्षा में शिक्षक के छह सवाल

आखिर में हम कह सकते हैं कि बच्चों को पैटर्न सिखाने का असली उद्देश्य है हर बच्चे के देखने का नजरिया और सोच बदलना। यानि ऐसी नजर विकसित करना, जो दुनिया में चीजें जैसे हैं उनके नियम खोजे और उसका आनंद ले। जैसे-जैसे हम पैटर्न को समझते जाएँगे, इस अवधारणा से हमारा लगाव बढ़ता जाएगा। जब शिक्षक को पैटर्न वाली अवधारणा और सवालों से लगाव होगा, तभी बच्चों में पैटर्न वाले सवालों को लेकर जिज्ञासा जागेगी।

संदर्भ

  1. Australian Curriculum: Mathematics F–10, Version 9.0 — Scope and Sequence.
  2. NCERT (2022). राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा — बुनियादी स्तर, दक्षता C-8.2
  3. Clements, D. H., & Sarama, J. Learning and Teaching Early Math: The Learning Trajectories Approach. Routledge.

VS-1(लेखक परिचयः वृजेश सिंह पिछले 10 वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। आपके पास  बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मकता (FLN) के साथ-साथ पुस्तकालय कार्यक्रम के ज़मीनी स्तर पर होने वाले क्रियान्वयन को नेतृत्व देने का सघन अनुभव है। जमीनी अनुभवों को कक्षा-कक्ष में लागू करने योग्य विचारों में बदलना आपकी सबसे बड़ी ताकत है।) 

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