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लायब्रेरी

पठन कौशल के विकास में मददगार है लायब्रेरी। भाषा कौशलों का विकास। पढ़ने की आदत। पुस्तकालय का रचनात्मक इस्तेमाल करके बच्चों को कहानियों, कविताओं व गद्य पढ़ने के लिए प्रेरित किया जा सकता है। शिक्षकों को भी पुस्तकालय का इस्तेमाल करना चाहिए।

पुस्तक चर्चा: नाच पढ़ते हुए लगा, “यह तो मेरी ही कहानी है”

राकेश पेगू की नज़र से 'नाच' उपन्यास की संवेदनशील समीक्षा। जानिए क्यों नवनीत नीरव का यह उपन्यास आत्मस्वीकार, सपनों और अभिव्यक्ति की आज़ादी की एक यादगार कहानी है। [...]

एक कक्षा-एक पुस्तकालय: बनती ईंटों के बीच उगते सपने

ईंट-भट्टों की बस्तियों में कम संसाधनों के बीच बच्चों तक किताबें पहुँचाने और पढ़ने के प्रति चाव पैदा करने की पहल बताती है कि सीखने की लौ कहीं भी जलाई जा सकती है। — रवि कांत [...]

बच्चों की रचनात्मकता को प्रोत्साहित करता है ‘टाइम लाइन कैलेंडर’

अरविन्द कुमार सिंह कहते हैं कि बच्चों के द्वारा पिछले वर्ष की गई रचनात्मक गतिविधियों को 2025 के कैलेंडर में कवर फोटो के रूप में प्रयोग किया गया है। इसमें सभी बच्चों की प्रत्यक्ष भागीदारी सुनिश्चित की गई। [...]