तालीम की रौशनीः ‘किताबें पढ़ने के शौक की वजह से ज़िंदा हूँ’
एक उपन्यास की नायिक कहती है, "मेरी ज़िंदगी में काम वही दो हर्फ़ आए, जो मौलवी साहब ने पढ़ा दिये थे। [...]
पठन कौशल के विकास में मददगार है लायब्रेरी। भाषा कौशलों का विकास। पढ़ने की आदत। पुस्तकालय का रचनात्मक इस्तेमाल करके बच्चों को कहानियों, कविताओं व गद्य पढ़ने के लिए प्रेरित किया जा सकता है। शिक्षकों को भी पुस्तकालय का इस्तेमाल करना चाहिए।
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