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‘देशभक्ति’ शब्द में कौन सा समास है?

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दो या दो से अधिक शब्दों का परस्पर संबंध बताने वाले शब्दों अथवा प्रत्यययों का लोप होने पर, उन दो या दो से अधिक शब्दों से जो एक स्वतंत्र शब्द बनता है, उस शब्द को सामासिक शब्द कहते हैं। उन दो या दो से अधिक शब्दों का जो संयोग होता है, उसे समास कहते हैं। (कामता प्रसाद गुरू की पुस्तक हिंदी व्याकरण के अनुसार) उदाहरण के लिए प्रेमसागर अर्थात प्रेम का समुद्र। इस उदाहरण में प्रेम और सागर, इन दो शब्दों का परस्पर संबंध बताने वाले संबंध कारक के ‘का’ लोप होने के कारण एक स्वतंत्र शब्द ‘प्रेमसागर’ बना। इसलिए प्रेम सागर सामासिक शब्द है और इस शब्द में प्रेम और सागर, इन दो शब्दों का संयोग है, इसलिए इस संयोग को समास कहते हैं।

समास के प्रकार क्या हैंं?

समास के मुख्यतः चार प्रकार हैं, जिन दो शब्दों में समास होता है, उनकी प्रधानता अथवा अप्रधानता के आधार पर ये भेद किये जाते हैं

  • जिस समास में पहला शब्द प्रधान होता है, उसे अव्ययीभाव समास कहते हैं
  • जिस समास में दूसरा शब्द प्रधान होता है, उसे तत्पुरूष समास कहते हैं
  • जिस समास में दोनों शब्द प्रधान होते हैं, वह द्वंद समास कहलाता है
  • जिसमें कोई भी एक शब्द अकेले प्रधान नहीं होता है, उसे बहुब्रीहि समास कहते हैं

‘देशभक्ति’ का समास

प्रतियोगी परीक्षाओं के दौरान समास से जुड़े सवाल जरूर पूछे जाते हैं। हाल ही में उत्तर प्रदेश में आयोजित शिक्षक पात्रता परीक्षा-2018 में सवाल किया गया कि देशभक्ति शब्द में कौन सा समास है? देशभक्ति शब्द दो शब्दों देश और भक्ति से मिलकर बना है। इसको देश की भक्ति के रूप में पढ़ा जायेगा, इससे पता चलता है कि इसमें भक्ति शब्द की प्रधानता ज्यादा है, इसलिए यहाँ तत्पुरूष समास होगा। देशभक्ति शब्द में तत्पुरूष समास है।

इस समास के अन्य उदाहरण हैं भक्तिवश, रसोईघर, देशनिकाला, कामचोर, घुड़दौड़, राजपूत, लखपति, पनचक्की, रेतघड़ी इत्यादि।

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