मुंबई स्थित परेल भोईवाडा मनपा मराठी शाला में 'डिजिटल शिक्षा में बदलाव' की यह कहानी बताती है कि परिवर्तन हमेशा बड़े शहरों के बड़े स्कूलों से नहीं, एक छोटे से क्लासरूम से शुरू होता…
विद्यालय के लगभग सभी कर्मचारियों एवं शिक्षकों ने 76 दिनों में समुदाय एवं मानवता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखलाई। जिसमें विद्यालय के सफाई कर्मचारी, सुरक्षा गार्ड,…