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राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 : ‘राष्ट्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी मंच’ का क्या महत्व है?

नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) भारत की शिक्षा व्यवस्था को 21वीं सदी की आवश्यकताओं के अनुरूप ढालने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। इस नीति का एक महत्वपूर्ण अंग है राष्ट्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी मंच (National Educational Technology Forum – NETF), जो शिक्षा में प्रौद्योगिकी के प्रयोग और अनुसंधान को बढ़ावा देने वाला एक स्वतंत्र स्वायत्त निकाय होगा।

राष्ट्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी मंच (NETF) क्या है?

NETF का मुख्य उद्देश्य शिक्षा के हर स्तर पर प्रौद्योगिकी के उपयोग को प्रोत्साहित करना और सही दिशा में मार्गदर्शन प्रदान करना है। यह केवल तकनीक के प्रयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा, मूल्यांकन, प्रशासन और शिक्षण-प्रशिक्षण के सभी पहलुओं में आधुनिक तकनीकों जैसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), मशीन लर्निंग, ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म और वर्चुअल लैब्स को बढ़ावा देगा। इसके माध्यम से शिक्षा व्यवस्था अधिक आधुनिक, लचीली और विद्यार्थी-केंद्रित बन सकेगी।

साथ ही, NETF शिक्षकों, विद्यार्थियों, स्कूलों और उच्च शिक्षा संस्थानों को डिजिटल साधनों के प्रभावी उपयोग के लिए सलाह, सहयोग और प्रशिक्षण देगा। यह मंच अनुसंधान और नवाचार को प्रोत्साहित करते हुए एक ऐसा शैक्षिक पारिस्थितिकी तंत्र तैयार करेगा, जिसमें सभी वर्गों के लिए समान अवसर, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और वैश्विक प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित हो सके।

राष्ट्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी मंच के उद्देश्य क्या हैं

  1. नीति और रणनीति निर्माण में सहयोग – शिक्षा में नई तकनीक अपनाने के लिए नीति-निर्माताओं को सुझाव देना।
  2. अनुसंधान और नवाचार – AI, ब्लॉकचेन, VR/AR जैसी उभरती तकनीकों को शिक्षा से जोड़ना।
  3. डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा – शिक्षकों और विद्यार्थियों को तकनीकी कौशल से लैस करना।
  4. ओपन-सोर्स व ओपन-एक्सेस संसाधन – सभी के लिए सुलभ और किफ़ायती डिजिटल कंटेंट उपलब्ध कराना।
  5. साइबर सुरक्षा और नैतिकता – सुरक्षित और ज़िम्मेदार ऑनलाइन शिक्षा प्रणाली विकसित करना।
  6. साझेदारी और सहयोग – शिक्षा संस्थानों, सरकार और तकनीकी विशेषज्ञों के बीच सहयोग को बढ़ावा देना।

राष्ट्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी मंच के प्रमुख फायदे

  1. तकनीक के प्रभावी उपयोग का मार्गदर्शन – स्कूलों और विश्वविद्यालयों को सही तकनीक चुनने में मदद।
  2. डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा – विद्यार्थियों और शिक्षकों को डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म का प्रशिक्षण।
  3. शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार – स्मार्ट क्लास, ई-लर्निंग और वर्चुअल लैब्स से पढ़ाई अधिक रोचक।
  4. अनुसंधान और नवाचार के अवसर – नई तकनीकों पर शोध और उनका शैक्षिक प्रयोग।
  5. सुलभ और समान शिक्षा – ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के बीच की खाई को पाटना।
  6. ओपन-सोर्स संसाधन – सभी विद्यार्थियों के लिए ई-कंटेंट को निशुल्क या किफ़ायती बनाना।
  7. नीति-निर्माण में सहयोग – डिजिटल शिक्षा से संबंधित नीतियों को मज़बूत आधार देना।
  8. आजीवन शिक्षा – MOOCs और ऑनलाइन कोर्स से निरंतर सीखने की सुविधा।
  9. साइबर सुरक्षा – ऑनलाइन शिक्षा को सुरक्षित और जिम्मेदार बनाना।
  10. वैश्विक प्रतिस्पर्धा – भारतीय विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना।

नई शिक्षा नीति 2020 के अनुसार डिजिटल साक्षरता और NETF शिक्षा के लिए एक परिवर्तनकारी कदम हैं। इनके माध्यम से भारत की शिक्षा प्रणाली अधिक सुगम, समान, गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित और नवाचार-आधारित बनेगी। यह न केवल विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुखी बनाएगी, बल्कि उन्हें जिम्मेदार डिजिटल नागरिक  के रूप में भी तैयार करेगी, ताकि वे वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें और आजीवन सीखने की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभा सकें।

(लेखक परिचय: ओम प्रकाश मिश्रा, राजकीयकृत प्राथमिक विद्यालय मुरुम, कांके, रांची, झारखंड में प्रधान शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं। आप पिछले 26 वर्षों से प्राथमिक शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय रूप से शिक्षण कार्य कर रहे हैं। आपका विशेष ध्यान TLM (टीचिंग लर्निंग मटेरियल) आधारित शिक्षण पर रहा है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी में मेरी गहरी रुचि के कारण, मैं डिजिटल TLM और डिजिटल कक्षा शिक्षण पर विशेष ध्यान दे रहे हैं।)

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