फेल होने छात्रों को भी प्रोत्साहित करें
मगर हम फेल होने वाले छात्र-छात्राओं के साथ कैसे पेश आते हैं? क्या हम उनको इस शोर के बीच में अकेला छोड़ देते हैं। पिछले सालों में उनके प्रयासों व मेहनत को खारिज कर देते हैं। उनके बेहतर भविष्य की उम्मीदों पर ताला लग गया है, ऐसा संदेश देने लगते हैं। उनके जीवन व भविष्य को लेकर निर्णायक हो जाते हैं। अगर ऐसा करने में हम भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर पर शामिल हैं तो हमें अपने विचार और व्यवहार दोनों में बदलाव की जरूरत है।
उत्तर प्रदेश में बोर्ड की परीक्षाओं के परिणाम जारी होने के बाद आत्महत्या की खबरें विचलित करने वाली हैं। एक समाज के रूप में सवाल खड़ी करने वाली हैं। जरूरत है कि हम आत्ममंथन करनें और स्टूडेंट्स को सपोर्ट करने के लिए आगे आएं। क्योंकि फेल होने वाले स्टूडेंट्स भी अच्छे नागरिक बन सकते हैं। जीवन में सफल हो सकते हैं। यही उम्मीद उनके पक्ष में खड़े होने के लिए बतौर नागरिक हमें प्रेरित करनी चाहिए।
