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बच्चों पर भरोसा करने के 10 ख़ास कारण

स्कूल जाते बच्चे।



बच्चों के ऊपर भरोसा करने से, वे ख़ुश होते हैं। वे हमें हैरानी से देखते हैं क्योंकि हम तो हमेशा उनकी क्षमताओं पर संदेह व्यक्त करते हैं। उनको निर्देश देते रहते हैं कि कि ऐसा मत करो, वैसा मत करो। तो कई बार नकारात्मक टिप्पणी भी कि तुमसे यह काम नहीं हो पायेगा। तुम बस चुपचाप बैठे रहो, जैसा कहा जाये, वैसा ही करो, ऐसे में बच्चों को अपनी मनमानी करने का मौका ही नहीं मिलता।

लेकिन जब हम बच्चों के ऊपर भरोसा जताते हैं कि उनके चेहरे की रौनक लौट आती है। वे अपनी जिज्ञासाओं के पंख लगाकर आसपास की दुनिया में उड़ने का आनंद लेते हैं। हमें भी अपनी खुशी में शामिल होने के लिए बुलाते हैं। अब पढ़ते हैं 10 ख़ास बातें –

1.बच्चों के ऊपर भरोसा करने से उनका आत्मविश्वास बढ़ता है।

2.वे घर में और कक्षा-कक्ष में होने वाली विभिन्न गतिविधियों में सक्रियता के साथ हिस्सा लेते हैं।

3. अपने साथियों के अच्छे प्रदर्शन से उनको भी अच्छा करने का हौसला मिलता है, क्योंकि ‘भरोसे वाले माहौल’ में हर बच्चे को यह लगता है कि वह आगे बढ़ सकता है।

4. ज़मीनी अनुभव बताते हैं जिन बच्चों के ऊपर भरोसा किय जाता है उनके सीखने की रफ्तार तेज़ होती है।

5. ऐसे बच्चे ख़ुशी-ख़ुशी सीखने के दौरान आने वाली चुनौतियों का सामना करते हैं।

6. ऐसे ‘भयमुक्त वातावरण’ में बच्चे बेझिझक अपनी परेशानी शिक्षक को बताते हैं क्योंकि उनको सुने जाने का पूरा भरोसा होता है।

7. ऐसे माहौल में बच्चे एक-दूसरे को ज्यादा सपोर्ट करते हैं, प्रतिस्पर्धा की बजाय सहयोग की भावना को ज्यादा महत्व देते हैं और आगे जाकर समूह में काम करने की दक्षता विकसित करते हैं।

8. ऐसे माहौल में अच्छी ‘पियर लर्निंग’ होती है बच्चे एक-दूसरे को सीखने में मदद करते हैं।

9. किसी शिक्षक द्वारा बच्चों की क्षमताओं पर भरोसा करने से कक्षा के बाकी बच्चों को लगता है कि वे भी सीख सकते हैं। बच्चों के भीतर पनपने वाला यह आत्मविश्वास एक ‘सकारात्मक आत्म-छवि’ का निर्माण करता है।

10. आख़िर में सबसे ख़ास बात कि बच्चों के ऊपर भरोसा ही किसी भी शिक्षण-अधिगम की प्रक्रिया को सफल बनाने का मूल मंत्र है।

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