नमस्कार दोस्तों,
एजुकेशन मिरर को तलाश है, प्रेरित करने वाले शिक्षकों के कहानियों की। लिखिए अपनी कहानी।
एजुकेशन मिरर का विचार नई दिल्ली की गलियों में आकार ले रहा था। जब मैं शिक्षा क्षेत्र की नकारात्मक ख़बरों को पढ़ते हुए सोचा करता था कि हमारे शिक्षक साथी अपने-अपने स्कूलों में कितना अच्छा काम भी कर रहे हैं। मगर सिर्फ़ नकारात्मक बातें ही क्यों लिखी जाती हैं आपके बारे में। क्यों, केवल वही वीडियो टेलीविज़न पर दिखाई देते हैं जो समाज में आपकी नकारात्मक छवि को और मजबूत करते हैं। आपको समाज की नज़रों में एक विलेन बनाकर पेश कर रहे हैं। जबकि समाज के लिए आप अपनी मेहनत और कोशिश से एक ‘रियल हीरो’ की तरह बड़े-बड़े बदलाव की कहानियां लिख रहे हैं।
लिखिए अपनी कहानी
ऐसे ही एक शिक्षक साथी ताराराम जी कहानी आपने पढ़ी। एजुकेशन मिरर का ‘ड्रीम प्रोजेक्ट’ है ताराराम जी जैसे एक हज़ार शिक्षकों की कहानियों को प्रकाशित करना, जो देश के विभिन्न हिस्सों में अच्छा प्रयास करने वाले और नकारात्मक परिस्थितियों में भी अपना सर्वश्रेष्ठ देने वाली शिक्षकों की कहानियां होंगी। इन कहानियों से शिक्षा के क्षेत्र में हम एक ऐसी संदर्भ सामग्री विकसित करना चाहते हैं जो डिजिटल क्रांति के दौर में अच्छे विचारों को लोगों तक पहुंचाने और शिक्षकों के बारे में समाज की राय को बदलने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।
पढ़िएः शिक्षक ताराराम जी की काहानी
दूसरे शिक्षक साथियों की कहानियां पढ़कर आप प्रेरित होती हैं। क्या आपके पास ऐसी कोई कहानी है जो आपको अपने काम को जारी रखने का हौसला देती है या आपकी खुद की कहानी ऐसी है जो अन्य शिक्षक साथियों को प्रेरित कर सकती है तो लिखिए एजुकेशन मिरर को। इस पोस्ट के कमेंट बॉक्स में आप अपनी मेल आईडी शेयर कर सकते हैं। अपनी कहानी शेयर कर सकते हैं जिसे हम एजुकेशन मिरर पर आपके नाम से प्रकाशित करेंगे। ताकि अंधेरे दौर में उम्मीद की रौशनी से जगमगाते शिक्षकों की कहानियों को आप सभी के साथ साझा किया जा सके।

