स्कूल के पहले दिन वह उस लड़के के बगल में बैठती है, अपने साथ खेलने की गुजारिश करती है जो आमतौर पर छोटे बच्चे दोस्ती करने के लिए करते हैं। लेकिन लड़के ने लाली के दोस्ती के प्रस्ताव को ठुकरा दिया। इस उपेक्षा के कारण लाली के भीतर गुस्सा, दुःख और निराशा के भाव पैदा होते हैं। लेखिका ने इन भावों को शब्दों और चित्रों के संयोजन से बड़ी संजीदगी से उभारा है।
कहानी की केंद्रीय थीम
इस कहानी में दोस्ती या फ्रेंडशिप के भाव को केंद्रीय थीम बनाया गया है। एक अज़नबी से परिचित होने की प्रक्रिया में जो भी भाव या दृश्य सहजता से पैदा हो सकते हैं, उसे लेखिका ने बड़ी बारीकी से आसान शब्दों व वाक्यों में दो पन्नों में फैले हुए चटख रंग वाले चित्रों में सुंदरता से अभिव्यक्त किया है। यह कहानी पाठक की कल्पना के काफी गुंजाइश छोड़ती है। सुनने वाले बच्चों के मन में समानुभूति के भाव जागृत करने की सामर्थ्य रखती है। शिक्षक की फैसिलिटेटर या सुगमकर्ता वाली भूमिका को भी रेखांकित करती है कि वे बच्चों के फैसलों में सीधे-सीधे दख़ल नहीं देते। उन्हें खुद से अपने फैसले करने का माहौल और अवसर उपलब्ध कराते हैं। यह शिक्षिका द्वारा रवि को लाली द्वारा स्कूल में क्या-क्या करते हैं जैसी बातें बताने वाले काम सौंपने से साफ जाहिर होता है।
किताब पर काम करने की योजना
कहानी सुनाने से पहले
किताब की मुख्य कहानी पर आने के पहले बच्चों के साथ बातचीत करेंगे ताकि बच्चे कहानी की मुख्य थीम की तरफ लौट सकें। अपने पूर्व अनुभवों को कक्षा-कक्ष में लेकर आ सकें। दोस्ती के बारे में थोड़ा व्यापक नजरिये से सोच सकें। इसके लिए निम्नलिखित सवालों का इस्तेमाल करेंगे।
- स्कूल में आपका सबसे अच्छा दोस्त कौन है?
- आपको अपने दोस्त की कौन सी बात बेहद पसंद है?
- आप अपने दोस्त के साथ कौन-कौन से खेल खेलते हैं?
- जब आप कोई नया दोस्त बनाते हैं तो कौन-कौन सी बातों का ध्यान रखते हैं जैसे उसका रंग गोरा है या सांवला, वह किसी जाति का है, उसका धर्म कौन सा है इत्यादि?
- अगर आपके स्कूल में किसी नये बच्चे का एडमीशन हुआ है और आप उससे दोस्ती करना चाहते हैं तो आप क्या करेंगे?
- अगर वह आपके साथ खेलने और बात करने से मना कर दे तो आप कैसा महसूस करेंगे?
- क्या उसके मना करने के बाद भी आप आप उससे दोस्ती करना चाहेंगे?
इनमें से कुछ (2-3) सवालों का इस्तेमाल बच्चों के साथ चर्चा के लिए करेंगे। इसके बाद कहानी का मुख्यपृष्ठ दिखाते हुए इसका नाम, लेखक, कहाँ की कहानी और अनुवाद की चर्चा करेंगे और फिर कहानी पढ़कर सुनाना शुरू करेंगे।
कहानी सुनाने के दौरानः
- जब लाली के स्कूल में एडमीशन लेने वाले लड़के रवि ने उसके साथ खेलने से मना कर दिया तो लाली ने क्या-क्या सोचा होगा? (अनुमान वाला सवाल)
- लाली रवि के साथ दोबारा बात करने से क्यों डर रही थी? क्या उसका डर दूर हुआ होगा?
- रवि ने जब लाली से पूछा कि मुझसे दोस्ती करोगी, तो लाली ने क्या जवाब दिया होगा?
कहानी सुनाने के बादः
- कहानी सुनाने के बाद पहली बार दोस्ती होने के अनुभव के बारे में लिखने का काम छठीं से आठवीं तक के बच्चों को दिया जा सकता है।
- पहली से पाँचवीं तक के बच्चों से पूछा जा सकता है कि आप अपने दोस्तों के साथ कौन-कौन से खेल खेलते हैं?
- क्या आपके दोस्तों के साथ झगड़े भी होते हैं? अगर हाँ तो किन-किन बातों पर आपके दोस्तों के साथ झगड़े होते हैं?
- अगर आपका किसी दोस्त के साथ झगड़ा या कट्टी होती है तो सबसे पहले कौन मनाता है? आप या आपका दोस्त। इस तरह के सवालों के माध्यम से बच्चों के अनुभवों के कक्षा-कक्ष में लेकर आ सकते हैं।
- दोस्ती के ऊपर आपके लाइब्रेरी में कौन-कौन सी किताबें हैं, उनको खोजिए और पढ़िए।
