चंदौलीः ‘लेखन प्रतिस्पर्धा’ के जरिये बच्चों को सुलेख और रचनात्मक लेखन के लिए प्रेरित करने की पहल
Education Mirror
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अंग्रेजी का सुलेख लिखने का प्रयास करती एक छात्रा।
चंदौली जिले के नियमताबाद ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय में ‘लेखन प्रतिस्पर्धा’ के जरिये बच्चों को सुलेख और रचनात्मक लेखन के लिए प्रेरित करने की पहल की जा रही है। इस विद्यालय तस्वीरें शिक्षकों के अच्छे प्रयासों को रेखांकित करती है। अकेले शिक्षक का प्रयास भी स्थायी बदलाव की कहानी लिखने की क्षमता रखते हैं, ऐसे प्रयासों से इस बात में हमारा भरोसा बढ़ जाता है।
लेखन प्रतिस्पर्धा का महत्व
प्राथमिक विद्यालय मढ़िया में शिक्षिका क्षमा गौड़ ने लेखन प्रतिस्पर्धा के जरिये बच्चों को हिंदी और अंग्रेजी भाषा में सुलेख के साथ-साथ विराम चिन्हों के सही प्रयोगों के साथ लिखने को लेकर बच्चों को अपने प्रयास करने और पुरस्कृत होने का अवसर दिया। इस प्रतियोगिता में बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
बच्चों की भागीदारी है जरूरी
इस लेखन प्रतियोगिता के बाद बच्चों को पुरस्कार भी दिया गया ताकि वे अपने अच्छे प्रयासों को आगे भी जारी रखें। इसके बारे में शिक्षिका क्षमा गौड़ कहती हैं, “इस प्रतियोगिता में बच्चों को हिंदी व अंग्रेजी लिखने के लिए दी गई। इसमें कक्षा 3 और 4 ने हिस्सा लिया। दो कक्षाओं को देखने की दृष्टि से ऐसे प्रयासों से मदद मिलती है, बच्चों को कुछ नया करने का अवसर मिलता है।”
बच्चों को प्रेरित करते हैं ऐसे अवसर
वे आगे कहती हैं, “शिक्षक द्वारा बच्चों लिखने के दौरान वर्तनी व सुलेख संबंधी ग़लतियों से बचकर लिखने के लिए प्रोत्साहित भी किया जा सकता है। इससे बच्चों को लिखने के लिए अभ्यास का अवसर भी मिलता है। बच्चों की साफ़-सुथरी लिखावट इन प्रयासों को रेखांकित करती है।”