क्या नीति आयोग सरकारी स्कूलों का निजीकरण करना चाहता है? नीति आयोग ने तीन साल के वर्किंग एजेंडा में पढ़ाई-लिखाई और नामांकन में पिछड़ने वाले स्कूलों को पीपीपी मोड में देने की संभावनाओं को तलाशने की बात कही है। [...]
चंदौलीः ‘लेखन प्रतिस्पर्धा’ के जरिये बच्चों को सुलेख और रचनात्मक लेखन के लिए प्रेरित करने की पहल शिक्षकों के व्यक्तिगत प्रयास भी मायने रखते हैं। यह पोस्ट इसी बात को रेखांकित करती है। [...]
संपादकीयःभारत की शिक्षा व्यवस्था पर आलोचना के तीर क्यों छोड़े जा रहे हैं? भारत दुनिया की सबसे बड़ी स्कूली शिक्षा व्यवस्था है। [...]
भारत में करोड़ों बच्चे क्यों नहीं जाते स्कूल? भारत में प्राथमिक शिक्षा की ज़मीनी सच्चाई क्या है? पढ़िए इस पोस्ट में। [...]
आंगनबाड़ी की स्थिति नहीं सुधरी तो क्या होगा? अगर आंगनबाड़ी की स्थिति नहीं सुधरी तो सरकारी स्कूल छोटे बच्चों की मौजूदगी से गुलजार रहेंगे। [...]
शिक्षा विमर्शः हर स्कूल की अपनी कहानी है! भारत में सरकारी स्कूल तमाम अभियानों के बोझ तले दबे हुए हैं। [...]