बच्चों के रचनात्मक लेखन को प्रोत्साहित करना और प्रकाशित करना बच्चों के भीतर के रचनाकार को निखरने का अवसर देना है। एजुकेशन मिरर का इस बात में गहरा विश्वास है कि बच्चों के प्रयासों को हमें प्रोत्साहित करना चाहिए। उनकी हर रचना को बतौर चित्रकार और लेखक पहचान देने की जरूरत है। क्योंकि हमारे विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चे आगामी भविष्य के लेखक, साहित्यकार, कलाकार और वास्तविक रचनाकार हैं। इसी कड़ी में बच्चों द्वारा लिखी कहानियों की शृंखला में पहली स्टोरी पढ़िए कुमारी चंदा की कलम से। आप पाँचवीं कक्षा में पढ़ती हैं। प्राथमिक शाल बढ़नी झरिया, अंबिकापुर में। आपकी इस कहानी का नाम है ‘स्वर्ग से सोने के सिक्के’
