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शनिवार, 17 अक्टूबर 2026

निपुण भारत मिशन: ‘सीखने का एक जुनून रहेगा, सीखने से न कोई दूर रहेगा’

निपुण भारत मिशन मेें NEP-2020 के तहत बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान के लक्ष्यों को हासिल करने पर है फोकस।

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5 जुलाई 2021 को भारत के तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने नेशनल इनीशिएटिव फॉर प्रोफिसिएंसी इन रीडिंग विद अंडरस्टैंडिंग एंड न्यूमरैसी (NIPUN Bharat) मिशन की शुरुआत की। इस पहल को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में बुनियादी साक्षरता और गणित (FLN) की प्रतिबद्धता को हासिल करने की दिशा में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

वर्तमान में इस मिशन को आगे ले जाने की जिम्मेदारी नये केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान को मिली है। उम्मीद है कि इस बदलाव से राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के लक्ष्यों को हासिल करने के लि योजना के निर्माण और क्रियान्वयन की दिशा में विशेष प्रगति होगी।

इस लेख में
  1. निपुण भारत मिशन की ख़ास बातें
  2. डाउनलोड करें निपुण भारत मिशन की गाइडलाइन्स
  3. ‘सीखने का एक जुनून रहेगा, सीखने से न कोई दूर रहेगा’

निपुण भारत मिशन की ख़ास बातें

निपुण भारत मिशन के लांच होने के पहले ही ‘निपुण भारत’ के तहत राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अंतर्गत बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान (FLN) के लक्ष्यों को हासिल करने की विस्तृत रणनीति साझा की गई। इसके अनुसार इस मिशन को राष्ट्रीय स्तर पर ‘स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग’ द्वारा संचालित किया जायेगा।

इसके बाद इसे राज्य स्तर पर विभिन्न राज्यों के SCERT और जिला स्तर पर जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIETs) संस्थान द्वारा ब्लॉक और विद्यालय स्तर पर समन्वय करते हुए क्रियान्वित किया जायेगा। इसे पाँच स्तरीय व्यवस्था के रूप में देखा जा रहा है। इस रणनीति से साफ़ है कि SCERT और DIET के स्तर पर विभिन्न नवीन प्रयास आने वाले दिनों में किये जाएंगे।

डाउनलोड करें निपुण भारत मिशन की गाइडलाइन्स

हिन्दी में डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें निपुण भारत मिशन गाइडलाइन्स हिन्दी

इंग्लिश में डाउनलोड करने के लिए यहाँ क्लिक करें NIPUN BHARAT MISSION ENGLISH

 

‘सीखने का एक जुनून रहेगा, सीखने से न कोई दूर रहेगा’

#NIPUNBharat मिशन में समझ के साथ पढ़ने की क्षमता हासिल करने और बुनियादी अंकगणितीय कौशलों के विकास (#FLN) के लिए 3 से 9 वर्ष की उम्र के बच्चों पर विशेष ध्यान दिया जायेगा। इसके साथ ही साथ बच्चों में समस्या समाधान के कौशल विकास और समालोचनात्मक चिंतन की क्षमता विकसित करने पर ध्यान दिया जायेगा।

पूरे भारत में निपुण भारत मिशन के एंथम की काफी चर्चा हो रही है और इसे लोगों द्वारा काफी पसंद किया जा रहा है। इसकी एक पंक्ति कुछ यों है, ‘सीखने का एक जुनून रहेगा, सीखने से न कोई दूर रहेगा’।

(आप एजुकेशन मिरर को फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो कर सकते हैं। अपने आलेख और सुझाव भेजने के लिए ई-मेल करें mystory@educationmirror.org पर और ह्वाट्सऐप पर जुड़ें 9076578600 )

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Deepesh kumari
Deepesh kumari
2 months ago


Jai Shekhar
5 years ago

इस तरह के Anthems अब बस superhit songs ,या राष्ट्रभक्ति फिल्मी गीतों के जैसे कुछ दिन बाजार में रहते हैं, फिर सरकारी कार्यक्रमों, और राष्ट्रीय पर्वों और किसी प्राइवेट स्कूल के प्रचार वाले वाहन, रिक्शा आदि पर बजने के काम आते रहते हैं।
जमीन पर कुछ अच्छा हो जाए, तो बढ़िया ही है।आशा ही कि जा सकती है।

Jai Shekhar
5 years ago

मुझे यह समझ नही आया कि क्या यह समझने में की reading with proficiency and understanding अर्थात ” धारा परवाह पठन और समझते हुए पठन” ही पठन कौशल की बुनियाद, यह बात समझने और समझाने में सरकार को इतने वर्ष लग गए अथवा नए पैकेट में पुराना सौदा बेचने वाली ही थ्योरी पर काम हो रहा है।
इसके पूर्व निष्ठा ट्रेनिंग को भी शिक्षा जगत में प्रशिक्षण का अभूतपूर्व कार्यक्रम , विश्व का वृहदतम कार्यक्रम माना गया था, किंतु उसका क्या परिणाम हुआ। क्या कोई भी शिक्षक निष्ठा पूर्वक पूर्ण कर सका यह प्रशिक्षण और अपना शिक्षण उत्कर्ष प्राप्त कर सका।
यदि निष्ठा सफल रहा तो निपुण की जरूरत क्यों और क्या?
यदि निष्ठा असफल तो क्या उसका कोई विमर्श हुआ?

rathore's cooking
5 years ago

Nipun Bharat anthem-it is very nice to hear in voice of children. Hope that it gets bumper success in enhancing the language n mathematical skills in school kids.

लेखक

वृजेश सिंह

संस्थापक-संपादक, एजुकेशन मिरर

Founder of EducationMirror.org and education leader with 10+ years of experience driving impactful FLN and system-level reforms, combining field insights and program expertise from organizations like Piramal Foundation, STIR Education, Tata Trusts, Room to Read, BBC Hindi, and Azim Premji Foundation.

Through EducationMirror.org, I aim to bridge the gap between classroom realities and scalable solutions by curating practitioner-driven insights, strengthening foundational literacy and numeracy (FLN), and amplifying voices from the field to influence practice and policy.

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