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अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस 2023: परिवर्तनशील दुनिया के लिए साक्षरता को बढ़ावा देना है जरूरी

पूरी दुनिया में 8 सितंबर को वैश्विक स्तर पर व्यक्तियों, समुदायों और विभिन्न समाजों के लिए साक्षरता के महत्व को बताने के लिए ‘अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस’ के रूप में मनााया जाता है। इस अवसर पर दुनिया के विभिन्न देशों के साथ-साथ भारत के विभिन्न राज्यों में बहुत सी गतिविधियों का आयोजन किया जाता है जिसमें बच्चों को पुस्तकालय से जोड़ने, पढ़ने के लिए प्रोत्साहित करने और साक्षरता के प्रति अभिभावकों व समुदाय की सहभागिता को हासिल करने का प्रयास किया जाता है। 

यूनेस्को की तरफ से 8 सितंबर को ‘अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस’ के रूप में घोषित किया गया । यूनेस्को का मानना है कि शिक्षा सबके लिए एक मानवाधिकार है, जो पूरी ज़िंदगी काम आती है। इसकी उपलब्धता और गुणवत्ता दोनों का तालमेल होना चाहिए। यूनेस्को संयुक्त राष्ट्र की इकलौती संस्था है जो शिक्षा के सभी आयामों पर नजर रखती है। 2030 के ‘फ्रेमवर्क फॉर एक्शन’ को भी यूनेस्को अपना नेतृत्व प्रदान कर रहा है। इसके तहत विभिन्न तरह के अध्ययन, शोध और रिपोर्ट्स का प्रकाशन यूनेस्को द्वारा किया जाता है।

‘परिवर्तनशील दुनिया में साक्षरता को प्रोत्साहन’

संयुक्त राष्ट्र शैक्षणिक, वैज्ञानिक व सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) द्वारा 2023 के लिए अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस की थीम है, “‘Promoting literacy for a world in transition: Building the foundation for sustainable and peaceful societies’।  इसका आशय है,  “परिवर्तनशील दुनिया के लिए साक्षरता को बढ़ावा देना: सतत और शांतिपूर्ण समाजों की बुनियाद का निर्माण करना।“

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अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस (International Literacy Day), सतत विकास लक्ष्य-4 की उपलब्धि को गति प्रदान करने में भी मददगार है जो ‘शिक्षा और आजीवन सीखने के अवसरों’ पर केंद्रित है। इस अवसर पर हमें साक्षरता की भूमिका, ज्यादा समावेशी, न्यायपूर्ण और टिकाऊ समाज बनाने के लिए सोचने-विचारने का अवसर भी मिलेगा।

साक्षरता का विकास के विभिन्न आयामों से एक सीधा जुड़ाव है। एक समावेशी और न्यायपूर्ण समाज बनाने के लिए साक्षरता अत्यंत आवश्यक है, जैसे-जैसे लोगों की भागीदारी विकास के अवसरों में बढ़ती है यह फिर से लोगों को प्रोत्साहित करती है कि वे साक्षरता और गणितीय कौशलों का उत्तरोत्तर विकास करें।

पढ़ें: अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस क्यों मनाते हैं?

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