सामग्री पर जाएँ
रविवार, 18 अक्टूबर 2026

उपन्यास

लायब्रेरी

तालीम की रौशनीः ‘किताबें पढ़ने के शौक की वजह से ज़िंदा हूँ’

एक उपन्यास की नायिक कहती है, "मेरी ज़िंदगी में काम वही दो हर्फ़ आए, जो मौलवी साहब ने पढ़ा दिये थे।

वृजेश सिंह, संस्थापक-संपादक, एजुकेशन मिरर