तोत्तो-चान और उसके ‘हेडमास्टर जी’
यदि तोमोए जैसे ढेरों स्कूल होते तो चारों ओर व्याप्त हिंसा कम होती और इतने बच्चे स्कूलों से पलायन नहीं करते।
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यदि तोमोए जैसे ढेरों स्कूल होते तो चारों ओर व्याप्त हिंसा कम होती और इतने बच्चे स्कूलों से पलायन नहीं करते।
'तोत्तो-चान- खिड़की में खड़ी एक नन्ही लड़की', इस किताब के पन्ने खत्म होते लगा जैसे कोई हसीन सपना…