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शनिवार, 17 अक्टूबर 2026

पाठ्यपुस्तकें

भाषा शिक्षण

पाठ्यपुस्तकें इतनी महत्वपूर्ण क्यों हैं?

प्रोफ़ेसर कृष्ण कुमार बताते हैं कि कैसे पाठ्यपुस्तकों ने शिक्षकों की स्वतंत्रता को सीमित किया है।

वृजेश सिंह, संस्थापक-संपादक, एजुकेशन मिरर
बाल संसार

“पापा कहते हैं, वह पढ़ने में तुक्के लगाती है”

“बच्चों को हिंदी में पढ़ना सिखाना बहुत आसान काम है। लेकिन हिंदी में लिखना सिखाना काफी मुश्किल काम है।" यह कहना है एक शिक्षक का। इस…