5 अक्टूबर को ‘विश्व शिक्षक दिवस’ क्यों मनाते हैं?

हर साल 5 अक्टूबर को दुनिया भर के 100 से ज्यादा देशों में विश्व शिक्षक दिवस (World Teachers’Day)के रूप में मनाया जाता है। साल 1994 में इसकी घोषणा यूनेस्को द्वारा की गई थी। इस आयोजन का उद्देश्य शिक्षकों के पक्ष में जनसमर्थन जुटाना और यह सुनिश्चित करना है कि आने वाली पीढ़ियों की जरूरतों को शिक्षक प्रोत्साहित होकर पूरा करते रहें।
यह दिन उन शिक्षकों को सम्मान देने का अवसर है जो हमारे जीवन को बेहतर बनाने की आधारशिला तैयार करते हैं। इसके साथ ही साथ समाज को एक दिशा देते हैं और इसके सक्रिय सदस्य के रूप में बच्चों का मार्गदर्शन करते हैं। शिक्षक सिर्फ ज्ञान का सृजन ही नहीं करते , बल्कि वे हमारे भीतर सोचने, समझने और दुनिया में आगे बढ़ने की प्रेरणा भी जगाते हैं।
‘शिक्षक को शिक्षण की आज़ादी मिले’
हर साल के शिक्षक दिवस की एक थीम चुनी जाती है। साल 2017 के विश्व शिक्षक दिवस की थीम है, ” स्वतंत्रता के साथ शिक्षण हेतु शिक्षकों का सशक्तीकरण, ताकि प्रत्येक बच्चे और युवा को आज़ादी के साथ सीखने का अवसर मिले।” (Empower teachers to teach in freedom so that, every child & adult is free to learn.)
यह शिक्षकों के योगदान के प्रति आभार जताने का दिन है

भारत में डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णनन के जन्मदिन 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है।
इस दिन दुनिया भर के शिक्षकों और शिक्षक प्रशिक्षकों को उनके योगदान के लिए याद किया जाता है और शुभकामनाएं दी जाती हैैं। ताकि शिक्षक समाज के प्रति अपनी विशिष्ट जिम्मेदारी का निर्वाह पूरी तत्परता के साथ करते रहें। इस मौके पर दुनिया के विभिन्न देशों में छात्र-छात्राओं द्वारा शिक्षकों के अपने जीवन में योगदान को याद किया जाता है। उनके योगदान और प्रोत्साहन के लिए शुक्रिया कहा जाता है। यानि यह दिन है अपने शिक्षकों को शुक्रिया कहने और अपने जीवन में उनके अहम योगदान के प्रति आभार जताने का।
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