Trending

पढ़ना सीखने के लिए क्यों जरूरी हैं किताबें?

पढ़ने की आदत, किताब पढ़ते बच्चे, लायब्रेरी का इस्तेमाल

किताब पढ़ते बच्चों की यह तस्वीर नमिता शुक्ला ने खींची है।

‘पढ़ने के कौशल और पढ़ने की आदत’ विषय पर आयोजित एक कार्यशाला के दौरान शिक्षक साथियों से बात हो रही थी कि मान लीजिए आप भाषा की कक्षा में काफी मेहनत कर रहे हैं। बच्चों को नियमित पढ़ा रहे हैं। उनको पढ़े हुए पाठ के दोहरान का अवसर दे रहे हैं। नियमित समय पर अनौपचारिक आकलन कर रहे हैं। इसके बाद जरूरत के अनुसार अपने पढ़ाने के तरीके में बदलाव करते हैं।

इतना सबकुछ करने के बाद अगर आप बच्चों को किताबों को पढ़ने का अवसर नहीं दे रहे हैं तो क्या होगा? इस सवाल के जवाब में एक शिक्षक साथी ने कहा कि यह तो ऐसा ही होगा कि क्रिकेट के मैदान पर कोई खिलाड़ी 99 रन बनाकर शतक से पहले आउट हो जाये।

पढ़ने का कौशल और पढ़ने की आदत

यानि पढ़ने के कौशल का विकास करने के साथ-साथ उस क्षमता के इस्तेमाल का अवसर देना जरूरी है ताकि बच्चे अपनी क्षमता को ज्यादा पुख्ता कर सकें। पढ़ना दरअसल अनुमान लगाकर लिखित सामग्री को अर्थ के साथ ग्रहण करने और उसे अपने जीवन के अनुभवों के साथ जोड़ पाने की क्षमता है। यानि पढ़ने का अवसर अंततः पढ़ने की रुचि और पढ़ने की आदत की तरफ एक बच्चे को लेकर जाती है।

यानि भाषा शिक्षण को लेकर कक्षा में सक्रियता दिखाना ही काफी नहीं है। अगर आपके विद्यालय में किताबें हैं तो उनको बंद आलमारी से बाहर आने और बच्चों के हाथ में पहुंचने का अवसर दिया जाना चाहिए। किताबों का संक्षिप्त रूप पोस्टर या किताबों में छपे चित्रों का दीवारों पर बनाना भी है,. इससे बच्चों को लिखित शब्दों के साथ जुड़ने का अवसर मिलता है।

किताबों के इस्तेमाल को कैसे बढ़ावा दें

किताबों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए जरूरी है कि विद्यालय की लायब्रेरी में मौजूद किताबों का नियमित लेन-देन हो। बच्चे किताबें फाड़ देंगे, इस डर से किताबों को बच्चों से दूर न रखा जाये। अगर कुछ किताबें फट भी जाती हैं तो उनको व्यवस्थित करने के इंतज़ाम स्कूल की तरफ से किया जाना चाहिए। इस संदर्भ में विभिन्न राज्यों में कई नवाचारी पहल की जा रही है। आपके विद्यालय में लायब्रेरी में मौजूद किताबों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए क्या किया जा रहा है, टिप्पणी करके हमें बताएं ताकि अन्य शिक्षक साथी भी आपके अनुभवों और विचारों से लाभ उठा सकें।

जैसेः किताबों में रूचि को बढ़ावा देने के लिए कुछ शिक्षक साथी बच्चों को कहानी पढ़कर सुनाते हैं ताकि बच्चों को पढ़ने के आनंद का अनुभव मिल सके। वहीं छोटे बच्चों को बड़े चित्रों वाली किताबें दी जाती हैं ताकि वे भी चित्रों के माध्यम से किताबों की तरफ आकर्षित हो सकें।

 

 

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest

0 Comments
Newest
Oldest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments
0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x