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केन्द्रीय बजट 2025: पढ़िए शिक्षा से जुड़ी 10 ख़ास बातें

भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार 1 फरवरी को लोकसभा में बजट-2025 पेश किया। इसमें आँगनबाड़ी से लेकर उच्च शिक्षा तक के विभिन्न मुद्दों का जिक्र किया गया, जिनके ऊपर इस बार के बजट में प्राथमिकता के साथ फोकस किया गया है। इस बजट में शिक्षा से जुड़ी 10 ख़ास बातें इस प्रकार हैं – 

1.  इस बार के बजट में शिक्षा क्षेत्र के लिए कुल 1,28,650 करोड़ रूपए आवंटित किए हैं। 

2. सक्षम आँगनबाड़ी और पोषण 2.0 योजना के लिए 2024-25 के बजट में आवंटित राशि 21,000 करोड़ रुपए थे, इसे 2025-26 के बजट में बढ़ाकर 21,960 करोड़ कर दिया गया है। इससे आँगनबाड़ी से जु़ड़े 8 करोड़ से ज्यादा बच्चों को पोषण संबंधी सहायता मिलेगी। 

3.  पूरे देश में STEM क्षेत्र में जारी नवाचार को बढ़ावा देने के लिए 50 हजार अटल टिंकर लैब की स्थापित किए जाएंगे। वर्तमान में संचालित लैब्स की सफलता को देखते हुए इसका विस्तार किया जा रहा है।

4. भारतनेट परियोजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के सभी सरकारी सेकंडरी स्कूलों में ब्रॉडबैंड यानी इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध कराई जाएगी। इसका लाभ निश्चित रूप से ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालयों और वहाँ पढ़ने वाले विद्यार्थियों को मिलेगा।

5. स्कूली और उच्च शिक्षा में भारतीय भाषाओं की डिजिटल किताबें उपलब्ध कराने के उद्देश्य से भारतीय भाषा पुस्तक परियोजना शुरू की जाएगी। इससे अपनी भाषा में ज्ञान तक पहुंच आसान बन सकेगी।

6. आईआईटी की क्षमता बढ़ाते हुए देश के 23आईआईटी संस्थानों में सीटों की संख्या का जिक्र भी बजट भाषण में किया गया। इनमें से पाँच आईआईटी को बेहतर शिक्षा संवर्धन के लिए अलग से राशि दी जाएगी।

7. उच्च शिक्षा के लिए एक बड़ी खबर है कि आईआईटी और भारतीय विज्ञान संस्थान में पढ़ने वाले छात्रों को 10,000 शोध छात्रवृत्तियां ‘पीएम रिसर्च फैलोशिप’ योजना के अंतर्गत दी जाएंगी।  पीएम रिसर्च फेलोशिप (PMRF) तहत उम्‍मीदवारों को 70 से 80 हजार रुपये महीने की छात्रवृत्ति  मिलती है।

8. आजकल पूरे विश्व में आर्टिफीशियल इंटलीजेंट (एआई) की चर्चा है। भार में भी एआई की शिक्षा के लिए 500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

9. मेडिकल की पढ़ाई के लिए 10 हजार सीट की बढ़ोतरी की जाएगी। अगले पांच सालों में इसे 75000 सीट तक बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

10. युवाओं को रोजगार से जोड़ने हेतु कौशल विकास के लिए पाँच वैश्विक कौशल विकास केंद्र (ग्लोबल स्किलिंग सेंटर) स्थापित किए जाएंगे। यह भारत की चिकित्सा शिक्षा, डिजिटली करण और युवाओं के कौशल विकास की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण कदम है।

(आप एजुकेशन मिरर को फ़ेसबुकएक्स और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं।एजुकेशन मिरर के लिए अपने लेख भेजें educationmirrors@gmail.com पर।)

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