कविताः ‘तारे टिम टिम करते हैं, कहाँ किसी की सुनते हैं’
आँगनबाड़ी शिक्षिका महज ज्ञान की उपभोक्ता या रिसीवर भर नहीं है, वे भी ज्ञान का सृजन करती हैं। जानिए कैसे?
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आँगनबाड़ी शिक्षिका महज ज्ञान की उपभोक्ता या रिसीवर भर नहीं है, वे भी ज्ञान का सृजन करती हैं। जानिए कैसे?