बदलाव की कहानीः ग्राममंगल संस्था के ‘हीरो’ हैं श्याम दादा यह कहानी एजुकेशन मिरर के ख़ास सलाहकार सदस्य प्रवीण ने महाराष्ट्र से लिखी है। [...]
कैसे पूरा होगा गिजूभाई बधेका का ‘दिवास्पन’? गिजूभाई बधेका ने 'दिवास्वपन' समेत करीब 20 किताबें लिखीं। गिजूभाई के जीवन के बारे में विस्तार से जानने के लिए पढ़िए यह पोस्ट। [...]
गिजूभाई बधेका की दिवास्वपन को पढ़ने से क्या समझ बनी? गिजूभाई बधेका की महत्वपूर्ण कृति है 'दिवास्वपन', जो प्राथमिक शिक्षा के क्षेत्र में किए गए उनके प्रयोगों का संग्रह है। जानिए इस किताब की महत्वपूर्ण बातों के बारे में। [...]