बाल दिवस: ‘फिर लौट के बचपन के ज़माने नहीं आते’ बाल दिवस के मौके पर पढ़िए यह पोस्ट और साझा करिये अपने विचार। [...]
स्कूल और बच्चेः कैसा रहा साल 2014? साल 2014 से समूची दुनिया का सबक यही होगा कि बच्चों के ख़िलाफ़ होने वाली बर्बर हिंसा को रोकें और स्कूल को निशाना बनाने के मंसूबों को नाकाम को पराजित करें। ताकि दुनिया के बच्चे खौफ के साए से बाहर आ सकें। [...]