लायब्रेरी व्यक्ति की गतिशीलता का दमन न करें संस्थाएं- बर्गसाँ आधुनिक दर्शन के इतिहास में हेनरी बर्गसाँ (1859-1941) का महत्व इस बात में है कि वे विश्व को सतत विकासमान प्रक्रिया के रूप में देखते हैं। मगर उसे किसी प्रकार की यांत्रिकता से संचालित… वृजेश सिंह, संस्थापक-संपादक, एजुकेशन मिरर | 12 दिसंबर 2015