उम्मीद की पाठशालाः ‘सकारात्मक ऊर्जा के वाहक हैं सरकारी स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षक’
सरकारी विद्यालय में पढ़ाने वाले शिक्षकों की प्रेरित करने वाले कहानियों और प्रोत्साहन की संस्कृति को रेखांकित करती हैं, शिरीष खरे कि किताब 'उम्मीद जगाती पाठशाला'।
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सरकारी विद्यालय में पढ़ाने वाले शिक्षकों की प्रेरित करने वाले कहानियों और प्रोत्साहन की संस्कृति को रेखांकित करती हैं, शिरीष खरे कि किताब 'उम्मीद जगाती पाठशाला'।
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भारत में एक अप्रैल 2010 को शिक्षा का अधिकार कानून लागू किया गया।
स्वतंत्रता के इतने वर्षों बाद भी हम शिक्षा के क्षेत्र में कितना परिवर्तन ला पाएं हैं, इस पर सोचना और कुछ ठोस क़दम उठाना जरूरी है।
कक्षा में किताबें पढ़ती छात्राएं निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार कानून-2009 के आने के बाद से…