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‘रीडिंग डे’ से पढ़ने की आदत को मिलेगा प्रोत्साहन

पूरे देश में पुस्तक संस्कृति और पढ़ने की आदत को प्रोत्साहित करने के लिए तमाम प्रयास हो रहे हैं। इसी सिलसिले में देशभर में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जायेगा।

पूरे देश में ‘पढ़ने की आदत’ को बढ़ावा देने के लिए नीति आयोग की तरफ से विभिन्न राज्यों को पत्र भेजे गये हैं। इस सिलसिले में विभिन्न राज्य ‘डे ऑफ़ रीडिंग’ का आयोजन कर रहे हैं। राजस्थान में 19 जून से स्कूल फिर से खुल रहे हैं। पहले दिन की शुरुआत ‘डे ऑफ़ रीडिंग’ यानि पढ़ने के दिन के रूप में होगी। प्रदेश के सभी स्कूलों में इस दिन विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जायेगा।

कहाँ से हुई ‘रीडिंग डे’ की शुरुआत

भारत में ‘रीडिंग डे’ की शुरुआत केरल से हुई। इस राज्य में साल 1996 से पढ़ने को प्रोत्साहित करने के लिए विधिवत कई तरह के आयोजनों की पहल की गई। उदाहरण के तौर पर स्कूल की असेंबली में पढ़ने के अनुभवों को साझा करने का अवसर विद्यार्थियों को देना।

पढ़ने का कौशल, पढ़ने की आदत, रीडिंग दिवस

उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में समर कैंप के दौरान किताब पढ़ती एक छात्रा।

इसके साथ ही अन्य प्रयास भी हुए जैसे हर स्कूल में ‘रीडिंग क्लब’ बनाना। विद्यालय की लायब्रेरी के इस्तेमाल को सक्रियता प्रदान करना। रीडिंग कॉर्नर या पढ़ने का कोना बनाना ताकि छात्र-छात्राओं को पढ़ने के ज्यादा से ज्यादा अवसर मिल सकें। किताबों से जुड़ी प्रश्नोत्तरी का आयोजन करना। छात्र-छात्राओं को लायब्रेरी के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम करने वाले लोगों से मिलने और संवाद करने का अवसर प्रदान करना।

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