Articles by educationmirrors

भाषा शिक्षणः कविता के माध्यम से बच्चों को पढ़ना-लिखना कैसे सिखाएं?

आप सभी को शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। इस अवसर पर पढ़िए एक लेख जिसे एजुकेशन मिरर के लिए प्रिया जायसवाल ने लिखा है। [...]

‘तोत्तो चान’ किताब पढ़ते हुए इस स्कूल को देखने की इच्छा प्रबल हो जाती है’

11वीं की छात्रा दीपिका लिखती हैं, "तोत्तो चान की माँ ने जिस तर्क व धैर्य से अपनी बेटी की परवरिश की है, वह हम सबके लिए प्रेरणादायक है।" [...]

NEP-2020: ‘शिक्षा के व्यापक उद्देश्यों को पाने का लक्ष्य नहीं, साधन है #FLN”

बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान को लेकर हमारे शिक्षक क्या सोच रहे हैं? इसी बात को समझने की कोशिश एजुकेशन मिरर की #FLN सीरीज़ के माध्यम से हो रही है। [...]

एजुकेशन मिरर: #NEP-2020 को लेकर हमारे शिक्षक क्या सोच रहे हैं?

#NEP-2020 को लेकर हमारे शिक्षक और शिक्षक-शिक्षा से जुड़े लोग क्या सोच रहे हैं? हम इसी बात को समझने की कोशिश एजुकेशन मिरर की #FLN सीरीज़ के माध्यम से कर रहे हैं। [...]

पुस्तक-अंश: ‘एक देश बारह दुनिया’ से पढ़िए ‘महादेव बस्ती के अनोखे स्कूल की कहानी’

पढ़िए लेखक और पत्रकार शिरीष खरे की पुस्तक एक देश बारह दुनिया का एक अंश जो शैक्षिक अनुभवों को बेहद मजबूती के साथ दर्ज़ करता है। [...]

‘कोविड-19: सीखने के अवसरों में अंतर को समझने वाले अभिभावक स्कूल खोलने के पक्ष में’

कोविड-19 के दौर में स्कूली शिक्षा की वर्तमान स्थिति पर बेहद संक्षिप्त, सटीक और संजीदा टिप्पणी शिक्षक केवल आनंद काण्डपाल जी ने लिखी है। जरूर पढ़ें, शेयर करें और टिप्पणी लिखने में संकोच न करें। [...]

कोविड-19 के दौर में बच्चों तक पहुंच बना रहे हैं ‘सामुदायिक पुस्तकालय’

शिक्षक और साहित्यकार महेश पुनेठा बिल्कुल सही कहते हैं, "यदि बच्चों को जबरदस्ती किताबों के साथ बैठाने की कोशिश करेंगे तो वे दूर भागेंगे। आप खुद आजमा कर देख लीजिए।" [...]

‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन में तेज़ी लाने की जरूरत’ – धर्मेंद्र प्रधान, केंद्रीय शिक्षा मंत्री

भारत के केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति केवल एक दस्तावेज़ भर नहीं है, यह हमारे लिए निर्देशित करने वाले दर्शन के समान है। [...]

भारत के विभिन्न राज्यों में स्कूल खोलने की तैयारी से जुड़े प्रमुख 5 सवाल क्या हैं?

अगर स्कूल खुलने के दौरान बच्चों में कोविड का संक्रमण फैलता है तो हमारे स्थानीय अस्पताल कितने तैयार है? [...]

शिक्षक इंटरव्यू सिरीज़ः ‘मैंने पिता से गणित विषय से प्रेम करना और हिन्दी शिक्षक से लिखने का हुनर सीखा’

शिक्षक इंटरव्यु सिरीज़ की तीसरी कड़ी में पढ़िए दिल्ली के शिक्षक डॉ. राजेश ठाकुर के साथ बातचीत के प्रमुख अंश। [...]

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में ‘स्कूल रेडिनेस’ पर है विशेष फोकस

राष्ट्र्रीय शिक्षा नीति-2020 को सिलसिलेवार ढंग से समझने की कड़ी में आज बात प्रारंभिक बाल्यवास्था में देखभाल और शिक्षा की। [...]

चर्चा मेंः राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की 10 ख़ास बातें क्या हैं?

शिक्षा के ऊपर केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा संयुक्त रूप से जीडीपी का 4.43 प्रतिशत निवेश किया जा रहा है। इसे बढ़ाकर जल्दी ही 6 प्रतिशत करने की बात नई शिक्षा-2020 में कही गई है। [...]

कविताः कवि – भवानी प्रसाद मिश्र

एक साक्षात्कार में कवि और लेखक भवानी प्रसाद मिश्र ने कहा था, "एक कवि के रूप में मेरे पास कुछ भी पूर्वनिर्धारित नहीं है। कविता मेरे तईं अभिव्यक्ति नहीं, अनुभव का माध्यम है।" [...]

शिक्षक इंटरव्यू सिरीज़ः ‘बच्चों को एक ऐसा इंसान बनता देखना चाहता हूं जो अच्छे नागरिक हों’

डॉ. कमलेश अटवाल कहते हैं, "मेरे अनुसार एक शिक्षक अपनी सीखी हुई बातें अपने छात्र-छात्राओं से साझा करते हैं और उन्हें सामाजिक और मनोवैज्ञानिक सपोर्ट देते हैं।" [...]

शिक्षक इंटरव्यू सिरीज़ः “विषय को ‘समझाने’ से पहले बच्चों को समझना है जरूरी- सविता प्रथमेश”

बच्चों के साथ जुड़ाव की जीवंत मिसाल है सविता प्रथमेश जी। उन्होंने इस जीवंतता को कैसे हासिल किया? पढ़िए इस साक्षात्कार में। [...]

रियल लाइफ़ स्टोरीः एक शिक्षिका ने परिवार में हुए कोरोना संक्रमण को मात देने के लिए क्या किया?

इस रियल लाइफ़ स्टोरी में नीता बत्रा बताती हैं कि कैसे एक दिन उनकी ज़िंदगी पूरी तरह से बदल गई और लॉकडाउन के दौरान जिन शैक्षिक चीज़ों को वे सीख रही थीं, वे उनके किसी काम की नहीं थी। [...]

पुस्तक समीक्षाः सरकारी स्कूलों पर विश्वास बहाली का दस्तावेज है पुस्तक- ‘उम्मीद की पाठशाला’

सफलता की ये कहानियाँ हम शिक्षकों, अभिभावकों और समुदाय के लोगों को जरूर प्रोत्साहित करेंगी, सरकारी स्कूलों के गिरते साख को संभालेंगी। [...]

राजकीय प्रतिभा विकास विद्यालय हरि नगर में बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य की बेहतरी पर हुई चर्चा

कोविड-19 से उत्पन्न अस्तित्वमूलक संकट में विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को पोषित करना अपेक्षाकृत चुनौतीपूर्ण है। [...]

अपनी परेशानी छिपाकर ऑनलाइन क्लास लेने को क्यों मजबूर हैं निजी स्कूलों के शिक्षक?

स्वतंत्र पत्रकार दीपक गौतम लिखते हैं, "इस कहानी में नाम और स्थान बदल दिए गए हैं। चेतना की ''चेतना'' का तो कोई न कोई तार मुझसे जुड़ा हुआ था, जो उनकी पीड़ा मुझ तक पहुंच सकी।" [...]

चर्चा मेंः बच्चों पर ऑनलाइन पढ़ने का दबाव तो है, मगर हमारी तैयारी कितनी है?

इस लेख में जयकिशन गोडसोरा 'ऑनलाइन लर्निंग' के शोर में विलुप्त सवालों को फिर से चर्चा में लाते हैं। पढ़िए यह लेख [...]

शिक्षा विमर्श: कोविड-19 के इस दौर में ऑनलाइन शिक्षण से जुड़े सवाल क्या हैं?

हेमन्त कुमार झा लिखते हैं, "ऑनलाइन प्रणाली ने शैक्षणिक संपर्कों को असीमित विस्तार दिया और यह इसकी सबसे महत्वपूर्ण देन है।" [...]

उत्तराखंड: लॉकडाउन में हिमोत्थान एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स इनिशिएटिव से शिक्षा को मिली निरंतरता

टिहरी गढ़वाल से सुषमा चौहान ने बताया कि लॉक डाउन में हमें भी चिंता थी कि बच्चों की पढ़ाई कैसे होगी। लेकिन हिमोत्थान सोसाइटी ने ऑनलाइन शिक्षा कार्यक्रम चलाकर बच्चों के पढ़ाई की मुश्किल को आसान कर दिया है। [...]

लेखः परीक्षा न घेण्याचा महाराष्ट्र सरकारचा निर्णय योग्यच, माझे लोकसत्ताच्या अग्रलेखाला उत्तर

आज बहुतेकांना एकच चिंता लागली आहे , मुलांचे शैक्षणिक नुकसान होत आहे , जसे काही या आधी सर्वच एकदम सुरळीत होते. [...]

भाषा शिक्षण सिरीज़ः भाषा शिक्षण को जीवंत बनाने में कैसे करें कहानियों का इस्तेमाल?

भाषा शिक्षण सिरीज़ में पढ़िए शिक्षिका ताहिरा ख़ाने के अनुभव जिन्होंने लोककथाओं के माध्यम से भाषा के कालांश को जीवंत बनाने का प्रयास किया है। [...]

उम्मीद की पाठशालाः ‘सकारात्मक ऊर्जा के वाहक हैं सरकारी स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षक’

सरकारी विद्यालय में पढ़ाने वाले शिक्षकों की प्रेरित करने वाले कहानियों और प्रोत्साहन की संस्कृति को रेखांकित करती हैं, शिरीष खरे कि किताब 'उम्मीद जगाती पाठशाला'। [...]

‘साइंस Vs सोशल साइंसः दुनिया में ज्ञान खोजिए, ज्ञान को बाइनरी में मत झोंकिए’-जे. सुशील

जे. सुशील लिखते हैं, "असल में साइंस और सोशल साइंस अलग चीज़ें हैं ही नहीं। इसे बाइनरी में बनाकर लोगों को सोचने से रोका गया है और कुछ नहीं।" [...]

‘बच्चों ने एक-दूसरे को उनके बिगड़े नामों से बुलाना छोड़ दिया’ – शिरीष खरे

स्कूलों में कई बार कुछ बच्चे एक-दूसरे को उनके असली नामों से शिरीष खरे लिखते हैं, "बुलाने की बजाय बिगड़े नामों से बुलाते हैं. कई बार कुछ बच्चे दूसरे बच्चों को गलत नामों से चिढ़ाते भी हैं." [...]

वेबिनारः ऑनलाइन शिक्षा ‘विशेषण’ के रूप में ठीक, संज्ञा’ के रूप में खतरनाक – कृष्ण कुमार

भारत के प्रसिद्ध शिक्षाविद प्रोफ़ेसर कृष्ण कुमार ने कहा कि कोविड-19 महामारी के अनुभवों को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाना चाहिए। [...]

जे. सुशीलः अमेरिका की तरह भारत में शिक्षा का निजीकरण क्यों नहीं होना चाहिए?

भारत में शिक्षा के निजीकरण वाले तर्क की 4 सबसे बड़ी कमजोरियां क्या हैं? बता रहे जे. सुशील इस लेख में। पढ़िए और साझा करिए अपनी राय। [...]

बच्चों की दुनियाः शहरों से अपने घरों की तरफ पैदल लौटते मजदूरों को देखकर उठते सवाल क्या हैं?

हमारा देश भारत आज़ादी के 70 सालों बाद सबसे बड़े पलायन का सामना कर रहा है। पढ़िए रिया की लिखी टिप्पणी। [...]
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