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बुधवार, 28 अक्टूबर 2026

उम्मीद की पाठशाला किताब

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‘बच्चों ने एक-दूसरे को उनके बिगड़े नामों से बुलाना छोड़ दिया’ – शिरीष खरे

स्कूलों में कई बार कुछ बच्चे एक-दूसरे को उनके असली नामों से शिरीष खरे लिखते हैं, "बुलाने की बजाय बिगड़े नामों से बुलाते हैं. कई बार कुछ बच्चे दूसरे बच्चों को गलत नामों से…

शिरीष खरे