मुद्दा: ‘नकल, नम्बर और परीक्षा के त्रिकोण को समझने की जरूरत है’
जिस समाज में फेल होना एक अपराध सरीखा माना जाता है, वहाँ नकल को एक सामाजिक वैधता हासिल हो ही जाती है।
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जिस समाज में फेल होना एक अपराध सरीखा माना जाता है, वहाँ नकल को एक सामाजिक वैधता हासिल हो ही जाती है।