‘क्लासरूम में अनुशासन से ज्यादा जरूरी है, बच्चों से जुड़ाव’ – अंजली
शिक्षिका अंजली कहती हैं कि मैंने बच्चों से एक कमाल की बात सीखी है कि चाहे जैसी भी परिस्थिति हो, हमें कभी भी अपने चेहरे की मुस्कुराहट को खोने नहीं देना है।
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शिक्षिका अंजली कहती हैं कि मैंने बच्चों से एक कमाल की बात सीखी है कि चाहे जैसी भी परिस्थिति हो, हमें कभी भी अपने चेहरे की मुस्कुराहट को खोने नहीं देना है।