बेहतर संवाद के लिए जरूरी है ‘भयमुक्त माहौल’ भयमुक्त माहौल में होने वाला संवाद शिक्षक के लिए कितना जरूरी है? बता रहे हैं जितेंद्र महला। इस पोस्ट में पढ़िए उनके अनुभव। वृजेश सिंह, संस्थापक-संपादक, एजुकेशन मिरर | 28 फ़रवरी 2016
भाषा शिक्षण लिखना एक तरह से बातचीत है कैसे? बातचीत की बुनियादी क्षमता हासिल करने के बाद बच्चे विविध तरीके से भाषा का इस्तेमाल करते हैं। 22 फ़रवरी 2016
मैं शिक्षक हूं भारत के वर्तमान परिदृश्य में ‘अध्यापक की अवधारणा’ अध्यापक शैक्षिक प्रशासन के 'भययुक्त वातावरण' में जीता है और स्कूल में बच्चों के लिए 'भयमुक्त माहौल' बनाने का रचनात्मक काम करता है. 7 जून 2014
मैं शिक्षक हूं विश्व शिक्षक दिवसः अपने शिक्षकों का शुक्रिया कहने दिन 5 अक्टूबर को विश्व शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। 7 मई 2014