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गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026

बच्चों की भाषा

बेहतर संवाद के लिए जरूरी है ‘भयमुक्त माहौल’

भयमुक्त माहौल में होने वाला संवाद शिक्षक के लिए कितना जरूरी है? बता रहे हैं जितेंद्र महला। इस पोस्ट में पढ़िए उनके अनुभव।

वृजेश सिंह, संस्थापक-संपादक, एजुकेशन मिरर
बाल संसार

गरासिया, हिंदी और मारवाड़ीः क्या कहते हैं बच्चे?

सातवीं और आठवीं कक्षा के बच्चों ने बताया कि अगर उनकी मातृभाषा में किताबें होतीं तो उनके लिए पढ़ना-समझना आसान होता। हिंदी की मुश्किलों को भी…