एक बच्चे का सपना, “ग़रीबों का मुफ्त इलाज और फ्री में पढ़ाई”
इस पोस्ट में पढ़िए एक बच्चे के 'मन की बात'।
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इस पोस्ट में पढ़िए एक बच्चे के 'मन की बात'।
रूसो मनुष्य को मूलतः एक भावनाप्रधान और संवेदनशील प्राणी मानते थे, अतः उसके बौद्धिक विकास की बजाय भावनात्मक विकास पर उनका अधिक आग्रह रहा।