भाषा शिक्षण बाल-साहित्य में कविताएंः ‘कैसे दीप जलाएँ बोलो’ मनोहर चमोली लिखते हैं कि मुझे लगभग 1700 कविताएँ पढ़ने का समय मिला। इस दौरान मुझे बेहद हैरानी हुई कि इन कविताओं में मात्र छह फीसदी कविताएं ही मुझे आनन्द दे सकीं। मैं यह… वृजेश सिंह, संस्थापक-संपादक, एजुकेशन मिरर | 4 अप्रैल 2020