बाल संसार ‘कलाम जैसा बनने के लिए तो बहुत ज्यादा पढ़ना होगा’ सातवीं कक्षा के बच्चे भी अपने स्कूल, शिक्षकों और साथ के बच्चों के बारे में सटीक राय रखते हैं। इस पोस्ट में पढ़िए एक छात्र के अनुभव। वृजेश सिंह, संस्थापक-संपादक, एजुकेशन मिरर | 9 जनवरी 2016