कविता भाषा का कारखाना है: सुशील शुक्ल कविताओं को लिखने की कला के साथ-साथ पढ़ने की कला पर भी संवाद जरूरी है। [...]
जॉन होल्ट की डायरीः ‘ज्ञान, सीखना और समझना एकरेखीय नहीं है’ 1960 में लिखी गई जॉन होल्ट की डायरी के कुछ अंश पढ़िए इस पोस्ट में। [...]
पुस्तक चर्चा: दोस्ती की जीवंत मिसाल है ‘किकि’ यह किताब दोस्ती और उसके जीवन पर असर को रेखांकित करती है। [...]
मारिया मान्टेसरीः ‘बच्चे में स्वयं सीखने की क्षमता होती है’ इस पोस्ट में पढ़िए मारिया मान्टेसरी के शिक्षा पर विचार। [...]
कहानी की समीक्षाः नाबिया यह कहानी नाबिया की तरह अन्य बच्चों को भी कहानी की किताबों से जुड़ने और शिक्षकों को कहानियां सुनाने के लिए प्रेरित करने वाली है। [...]
पठन गतिविधिः मुखर वाचन कैसे करें? बच्चों में आनंद और समझ के साथ पढ़ने का चस्का लगाने के लिए रीड अलाउड बेहद महत्वपूर्ण गतिविधि है। [...]
लेख: ‘ये बच्चे हैं, ‘कोरा कागज’ नहीं’ बच्चों को कोरा कागज मानने की मान्यता को चुनौती देता है आलोक मिश्र का यह लेख। [...]
नई शिक्षा नीति-2019 ड्राफ्ट: तीन भाषा वाले फार्मूले पर होने वाले विवाद का समाधान क्या है? तीन भाषा वाले फॉर्मूले पर होने वाले विवाद का हल क्या हो सकता है? पढ़िए इस पोस्ट में। [...]
नई शिक्षा नीति-2019 के ड्राफ्ट में त्रिभाषा फॉर्मूले पर विवाद क्यों हो रहा है? वरिष्ठ पत्रकार प्रकाश के. रे कहते हैं, "न सिर्फ़ अन्य हिस्सों में, बल्कि 'हिंदी' पट्टी में भी 'हिंदी' का पर्चा ऐच्छिक होना चाहिए।" [...]
लेखः शिक्षा के क्षेत्र में कहानियों का महत्व और शैक्षिक उपयोगिता इस आलेख में संजय गुलाटी कहानी के महत्व को रेखांकित करते हैं। शिक्षा के क्षेत्र में इसकी उपयोगिता को स्थापित करने का प्रस्ताव रखते हैं। [...]