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मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026

हिंदी

बाल संसार

गरासिया, हिंदी और मारवाड़ीः क्या कहते हैं बच्चे?

सातवीं और आठवीं कक्षा के बच्चों ने बताया कि अगर उनकी मातृभाषा में किताबें होतीं तो उनके लिए पढ़ना-समझना आसान होता। हिंदी की मुश्किलों को भी वे बड़ी बेबाकी से सामने रखते हैं। तो…

वृजेश सिंह, संस्थापक-संपादक, एजुकेशन मिरर