सुर्ख़ियों में शिक्षा पढ़ने की ख़ुशी कहाँ खो गई? पढ़ने का ख़ुशी के साथ गहरा रिश्ता है। पढ़ना हमें अपने विचारों को व्यवस्थित करने। किसी मुद्दे पर व्यवस्थित ढंग से सोचने। अपने पुराने अनुभवों को फिर से याद करने। नए शोधों व विचारों… वृजेश सिंह, संस्थापक-संपादक, एजुकेशन मिरर | 16 अप्रैल 2016